नींव की खुदाई में मिला चांदी का खजाना, ब्रिटिश काल के जुड़ा कनेक्शन, पुरातत्व विभाग की जांच जारी

मैनपुरी के गांव सहारा में कच्चे मकान की नींव की खुदाई में 90 ब्रिटिश काल के चांदी के सिक्के मिले। सिक्कों को देखकर जेसीबी और ट्रैक्टर चालक कुछ सिक्के चुराकर फरार हो गए। पुलिस ने 49 सिक्के बरामद किए हैं, जबकि बाकी की तलाश जारी है। पुरातत्व विभाग ने इन सिक्कों को ऐतिहासिक दृष्टि से सामान्य बताया, लेकिन ग्रामीणों में यह चर्चा है कि यह सिक्के पुराने जमींदार परिवार द्वारा सुरक्षित रखे गए होंगे।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 22 July 2025, 1:42 PM IST
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Mainpuri News: मैनपुरी के बिछवां थाना क्षेत्र के गांव सहारा में एक अनोखी घटना घटी, जब कच्चे मकान की नींव की खुदाई करते समय ब्रिटिश काल के चांदी के सिक्के मिले। इन सिक्कों के मिलने से इलाके में हलचल मच गई है। पुलिस और पुरातत्व विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है, हालांकि एएसआई ने कहा है कि ये सिक्के ऐतिहासिक दृष्टि से उतने महत्वपूर्ण नहीं हैं। बावजूद इसके, सिक्कों को लेकर ग्रामीणों में चर्चाएं जारी हैं।

नींव की खुदाई में मिला चांदी का खजाना

मैनपुरी जिले के बिछवां थाना क्षेत्र के गांव सहारा में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक कच्चे मकान की नींव की खुदाई के दौरान मजदूरों को मिट्टी के अंदर एक मटकी मिली। जब मटकी को खोला गया, तो उसमें करीब 90 चांदी के सिक्के रखे हुए थे। सिक्कों को देखकर मजदूरों और आसपास मौजूद लोगों में हलचल मच गई।

मौके पर पहुंचे लोगों ने चुराए सिक्के

जब सिक्के बाहर निकाले गए, तो मौके पर मौजूद ट्रैक्टर चालक कुछ सिक्के उठाकर फरार हो गए। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, और थाना प्रभारी आशीष दुबे अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 49 सिक्कों को बरामद कर लिया, लेकिन बाकी सिक्कों की तलाश जारी है।

एसडीएम और पुरातत्व विभाग की टीम पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम भोगांव, संध्या शर्मा, पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और स्थिति का मूल्यांकन किया। इसके अलावा, पुरातत्व विभाग की टीम भी आगरा से मौके पर पहुंची और सिक्कों की जांच की। विशेषज्ञों ने बताया कि सिक्कों के रूप और डिजाइन से ये ब्रिटिश काल के सिक्के प्रतीत हो रहे हैं। इनमें से 17 सिक्के 1904 में किंग एडवर्ड VII के नाम से जारी किए गए थे, जबकि 32 सिक्के 1911 में किंग जॉर्ज पंचम के नाम से जारी हुए थे। इन सिक्कों की संख्या और तारीखों से यह स्पष्ट होता है कि ये ब्रिटिश काल के सिक्के हैं।

पुरातत्व विभाग का रूख

हालांकि, एएसआई (आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) के एक सदस्य जितेंद्र कुमार ने इन सिक्कों को ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण नहीं माना। उनका कहना था कि ऐसे सिक्के कई पुराने घरों में मिल जाते हैं और सराफा बाजार में इनकी खरीद-फरोख्त आम बात है। इस कारण, इन सिक्कों को विशेष पुरातात्विक जांच के लिए नहीं भेजा गया।

पुराने जमींदार परिवार का खजाना?

ग्रामीणों में यह चर्चा तेज है कि ये सिक्के शायद किसी पुराने जमींदार परिवार द्वारा सुरक्षित रखे गए होंगे। माना जा रहा है कि यह खजाना लंबे समय से वहां छिपा हुआ था और अब इसकी खोज हो पाई है। हालांकि, पुलिस इस मामले में जेसीबी और ट्रैक्टर चालक की तलाश कर रही है, जिन्होंने कुछ सिक्के चोरी किए थे।

पुलिस कार्रवाई और भविष्य की योजना

पुलिस ने चालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। साथ ही, पुलिस ने यह भी सुनिश्चित किया है कि बाकी सिक्कों की बरामदगी के लिए भी जांच जारी रहे। एसडीएम संध्या शर्मा ने कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सिक्कों की सही तरीके से जांच की जाए।

Location : 
  • Mainpuri

Published : 
  • 22 July 2025, 1:42 PM IST

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