70 साल पुरानी मस्जिद जमींदोज अब क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट बना छावनी, जानिए पूरा सच

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में करीब 70 साल पुरानी मस्जिद पर प्रशासन की कार्रवाई के बाद माहौल संवेदनशील हो गया है। इमरान मसूद के पुराने बयान और अब शांति की अपील के बीच प्रशासन ने सुरक्षा क्यों बढ़ाई और आगे मस्जिद पक्ष क्या कानूनी कदम उठाने जा रहा है?

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 5 September 2026, 11:44 AM IST
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Saharanpur: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में करीब 70 साल पुरानी मस्जिद को जिला प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई अदालत के उस फैसले के बाद की गई, जिसमें निचली अदालत द्वारा मस्जिद को सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण बताए जाने के निर्णय को जिला न्यायालय ने भी बरकरार रखा था। प्रशासन की कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

सुबह शुरू हुआ ध्वस्तीकरण

मामले में सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मस्जिद को सरकारी भूमि पर बना अवैध निर्माण माना था। इसके खिलाफ मस्जिद पक्ष ने जिला न्यायालय में अपील दाखिल की थी, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। अपील खारिज होने के बाद प्रशासन ने रात में मस्जिद को सील कर दिया और सुबह जेसीबी की कार्रवाई शुरू करते हुए उसके एक हिस्से को गिरा दिया।

इमरान मसूद ने उठाए थे जमीन के रिकॉर्ड पर सवाल

कार्रवाई से पहले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मस्जिद को हटाए जाने का विरोध किया था। उनका दावा था कि जिस जमीन पर कलेक्ट्रेट परिसर बना है, उसे वर्ष 1911 में वाहिद खान और याकूब खान ने कलेक्ट्रेट खजाने और तहसील के इस्तेमाल के लिए दान किया था। सांसद ने यह भी कहा था कि मस्जिद से जुड़े पुराने दस्तावेजों में वर्ष 1911 का बिजली बिल भी मौजूद है।

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कलेक्ट्रेट में मंदिर का भी किया था जिक्र

इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद मंदिर का भी उल्लेख किया था। उन्होंने सवाल किया था कि अगर मस्जिद को अवैध निर्माण मानकर हटाया जा रहा है तो क्या परिसर में मौजूद मंदिर पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। उनके इस बयान के बाद मामले को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई थी।

कार्रवाई के बाद नेताओं ने की शांति की अपील

हालांकि जेसीबी कार्रवाई शुरू होने के बाद सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की। नेताओं की ओर से किसी भी तरह की अफवाह या तनाव से बचने का संदेश दिया गया है।

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10 से ज्यादा थानों की पुलिस तैनात

किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर और उसके आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 10 से अधिक थानों की पुलिस के साथ पीएसी के जवान भी मौके पर मौजूद हैं। कलेक्ट्रेट के सभी प्रवेश मार्गों को बंद कर सुरक्षा घेरा मजबूत किया गया है।

हाईकोर्ट जाने की तैयारी में मस्जिद पक्ष

मस्जिद प्रबंधन समिति ने प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ अब इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर कानूनी लड़ाई आगे बढ़ सकती है। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक सख्त कर दी गई है।

Location :  Saharanpur

Published :  5 September 2026, 11:15 AM IST

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