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देवरिया में औचक निरीक्षण के दौरान नयारा पेट्रोल पंप पर 400 लीटर डीजल बिना दस्तावेज के भरते हुए पकड़ा गया। प्रशासन ने डीजल और ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर एफआईआर के निर्देश दिए हैं और कालाबाजारी पर सख्त रुख अपनाया है।
देवरिया में पेट्रोल पंप पर छापा
Deoria: पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति को लेकर प्रशासन इन दिनों पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों और कालाबाजारी की आशंकाओं के बीच चलाए जा रहे औचक निरीक्षण अभियान ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में एक पेट्रोल पंप पर हुई कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और सिस्टम की खामियों को उजागर कर दिया है।
26 मार्च की सुबह करीब 9 बजे देवरिया-बलिया मार्ग पर स्थित नयारा कंपनी के पेट्रोल पंप मां ऑटो फ्यूल, अहिलवार बुजुर्ग पर प्रशासन की टीम ने अचानक छापा मारा। टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां एक ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी मिली, जिस पर दो बड़े ड्रम रखे हुए थे और उनमें तेजी से डीजल भरा जा रहा था। यह दृश्य देखकर अधिकारियों को तुरंत संदेह हुआ और उन्होंने मौके पर ही जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली पर मौजूद व्यक्तियों से पूछताछ की गई। उन्होंने अपना नाम फिरोज अहमद और गोविंद गुप्ता बताया। यह देवरिया जिले के ही निवासी हैं। जब ड्रमों की जांच की गई तो पाया गया कि दोनों में लगभग 200-200 लीटर, यानी कुल करीब 400 लीटर डीजल भरा जा रहा था। इतनी बड़ी मात्रा में डीजल की सप्लाई को लेकर अधिकारियों का शक और गहरा हो गया।
जांच में सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि पेट्रोल पंप के कर्मचारियों द्वारा बिना किसी वैध दस्तावेज के डीजल दिया जा रहा था। न तो खरीदारों का नाम-पता दर्ज किया गया था और न ही वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर नोट किया गया था। इतना ही नहीं, मशीन से निकलने वाली रसीद भी संबंधित व्यक्तियों को नहीं दी गई थी। यह सब उत्तर प्रदेश हाई स्पीड डीजल ऑयल कंट्रोल ऑर्डर, 1981 के नियमों का सीधा उल्लंघन है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। मौके से करीब 400 लीटर डीजल और ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर कोतवाली थाने की सुपुर्दगी में दे दिया गया। साथ ही संबंधित पेट्रोल पंप के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। मौके पर मौजूद दोनों व्यक्तियों को भी नोटिस जारी कर दिया गया है। जिससे आगे की जांच में उनकी भूमिका स्पष्ट की जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की कालाबाजारी या अनियमित आपूर्ति किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए ईंधन की सप्लाई व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखना जरूरी है।
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आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे। कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन कर दिया गया है। यह जिले भर में पेट्रोल पंपों की निगरानी करेंगी।