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रायबरेली-बांदा वाया टांडा हाईवे का निर्माण 2018 में कराया गया था। 133 किमी. लंबी इस परियोजना को 558 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह हाईवे बुंदेलखंड, चित्रकूट, और पूर्वांचल को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।
क्षतिग्रस्त सड़क
Raebareli: रायबरेली के लालगंज के बांदा हाईवे पर लालगंज स्थित रेलवे ओवरब्रिज फिर क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके चलते शुक्रवार से वाहनों का आवागमन रोक दिया गया। अब फिर लालगंज कस्बे से होकर छोटे और भारी वाहन निकल रहे हैं। इससे जाम की समस्या बढ़ गई है। मरम्मत के बाद ओवरब्रिज से आवागमन शुरू होने में लगभग 15 दिन का समय लग सकता है।
रायबरेली-बांदा वाया टांडा हाईवे का निर्माण 2018 में कराया गया था। 133 किमी. लंबी इस परियोजना को 558 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह हाईवे बुंदेलखंड, चित्रकूट, और पूर्वांचल को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस पुल से अधिकतर निर्माण सामाग्री ढोने वाले ट्रकों, बसों समेत अन्य वाहनों का भारी यातायात रहता है। असल में लालगंज में जाम की समस्या को देखते हुए यहां पर बाईपास का निर्माण कराया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 दिसंबर 2018 में इसका लोकार्पण किया था। इसी बाईपास पर रेलवे का ओवरब्रिज बना है। लोकार्पण के बाद आवागमन शुरू होने के छह माह में ही पुल क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद से आवागमन रोक दिया गया। छह साल इंतजार के बाद तीन सितंबर 2025 को ओवरब्रिज से फिर आवागमन शुरू कराया गया था। लोगों ने काफी प्रयास किया था तब जाकर सफलता मिली थी।
अब फिर पुल क्षतिग्रस्त होने से शुक्रवार से आवागमन बंद कर दिया गया है। पुल के स्लैब पर जैक लगाने से इसकी ऊपरी सतह दरक गई और गड्ढा हो गया। सबसे खास बात यह है कि जब सितंबर 2025 में पुल पर आवागमन शुरू किया गया था तो उस समय एक क्षतिग्रस्त हिस्से को लोहे की मोटी चादरों से ढककर खामियां छिपा ली गई थीं और आवागमन को चालू कर दिया गया था।
एनएचएआई के अफसरों का कहना है कि ओवरब्रिज पर किसी भारी वाहन को उठाने के लिए जैक लगाने से क्षतिग्रस्त हुए स्लैब की शुक्रवार दोपहर से मरम्मत शुरू कर दी गई है। पुल के दोनों सिरों पर पत्थरों की बैरिकेडिंग कर वाहनों का आवागमन रोका गया है कुछ दिन बाद फिर से रास्ता खोलने के आसार हैं।