
लिखित शिकायत
Badaun: उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण पर ब्याज दर को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। किसानों का आरोप है कि जहां सरकार किसानों को सस्ती दर पर ऋण उपलब्ध कराने का दावा करती है, वहीं बदायूं जिले में जिला सहकारी बैंक द्वारा केसीसी ऋण पर 7 प्रतिशत ब्याज वसूला जा रहा है। इस स्थिति ने पहले से आर्थिक संकट झेल रहे किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। किसानों का कहना है कि खेती में लागत लगातार बढ़ रही है और ऐसे में अधिक ब्याज दर उनके लिए नुकसानदायक साबित हो रही है।
यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती में गलती? UPPRPB ने खोला फॉर्म करेक्शन विंडो, समय रहते करें सुधार
इस मामले को लेकर वी० पैक्स (विविध प्राथमिक सहकारी समिति) हसनपुर के अध्यक्ष रामपाल सिंह ने सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता, बदायूं को लिखित शिकायत सौंपी है। रामपाल सिंह का कहना है कि बदायूं जिला सहकारी बैंक के सचिव/मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा किसानों से 7 प्रतिशत ब्याज वसूला जा रहा है, जबकि बरेली और कासगंज जैसे अन्य जनपदों में केसीसी ऋण पर मात्र 3 प्रतिशत ब्याज लिया जा रहा है। उन्होंने इसे किसानों के साथ सीधा भेदभाव बताया और कहा कि एक ही राज्य में अलग-अलग जिलों में अलग ब्याज दरें समझ से परे हैं।
रामपाल सिंह ने अपनी शिकायत की प्रतिलिपि जिलाधिकारी बदायूं, संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबन्धक सहकारिता बरेली, जिला सहकारी बैंक बदायूँ के अध्यक्ष, दातागंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक तथा उत्तर प्रदेश के सहकारिता मंत्री को भी भेजी है। उन्होंने मांग की है कि मामले की गंभीरता से जांच कर बदायूं जिले में भी केसीसी ऋण पर 3 प्रतिशत ब्याज दर लागू की जाए। किसानों को उम्मीद है कि शिकायत के बाद प्रशासन और सहकारिता विभाग इस मुद्दे पर शीघ्र निर्णय लेगा। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और शासन स्तर से होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे बदायूं के किसानों को भी राहत मिल सके।
Maha Shivaratri 2026: महाशिवरात्रि की रात क्यों बन रही है लोगों के लिए ‘मेंटल पीस नाइट’?
Location : Badaun
Published : 2 February 2026, 2:31 PM IST
Topics : Badaun Badaun News Badaun Police Latest News UP News