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बरेली के सीबीगंज क्षेत्र में नगर निगम ने अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत दुकानों पर कार्रवाई की। दुकानदार डॉ. अमित गुप्ता ने आरोप लगाया कि उनका नक्शा पीडब्ल्यूडी से स्वीकृत था, फिर भी निर्माण तोड़ दिया गया।
दुकानदार डॉ. अमित गुप्ता
Bareilly: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम का अभियान एक बार फिर चर्चा में है। ताज़ा मामला थाना सीबीगंज क्षेत्र के रामपुर रोड का है, जहां नगर निगम ने सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध निर्माण को हटाने के लिए कार्रवाई शुरू की। इस अभियान के दौरान कई दुकानों को ध्वस्त किया गया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
नगर निगम का कहना है कि यह कार्रवाई अतिक्रमण हटाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया और नोटिस देने के बाद की गई है। प्रशासन के अनुसार, सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई से प्रभावित दुकानदार डॉ. अमित गुप्ता (पुत्र रामधार गुप्ता, निवासी सीबीगंज, बरेली) ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से विधिवत स्वीकृत नक्शे के आधार पर किया था और सभी नियमों का पालन किया गया था।
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डॉ. गुप्ता का आरोप है कि नगर निगम ने उनके स्वीकृत नक्शे को अमान्य बताते हुए बिना उचित सुनवाई के उनकी दुकानों को तोड़ दिया। उन्होंने जिला प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह से गलत है और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में कुछ स्थानीय लोगों के दबाव के कारण उनकी दुकानों को निशाना बनाया गया है, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है।
इस कार्रवाई के बाद सीबीगंज क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। प्रभावित दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और उचित सुनवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब एक ओर पीडब्ल्यूडी द्वारा नक्शा स्वीकृत किया गया था, तो दूसरी ओर नगर निगम द्वारा उसे अमान्य कैसे माना गया, यह बड़ा सवाल है।
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नगर निगम ने अपने पक्ष में कहा है कि सभी कार्रवाई नियमों और नोटिस प्रक्रिया के तहत की गई है। बावजूद इसके, इस मामले ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और विभागीय समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं।