बोलेरो उपलब्ध कराओ… कैदी वाहन में बैठने से आजम खां ने किया इनकार, पढ़ें पूरी खबर

आजम खां को अमर सिंह के परिवार पर विवादित टिप्पणी करने के मामले में अदालत ने साक्ष्य की कमी के कारण बरी कर दिया। आजम खां ने जेल प्रशासन पर स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों और मिलाई खत्म करने के प्रयास के आरोप लगाए। साथ ही, उन्होंने जेल में सुविधाओं के अभाव और स्वतंत्र जांच की मांग की।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 29 November 2025, 1:14 PM IST
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Rampur: उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ समाजवादी पार्टी (सपा) नेता मोहम्मद आजम खां को अदालत ने अमर सिंह के परिवार पर विवादित टिप्पणी करने के मामले में बरी कर दिया है। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में इस मामले में उनका दोष सिद्ध नहीं होने पर यह फैसला सुनाया। मामला 17 अक्टूबर 2018 का है, जब आजम खां ने जौहर यूनिवर्सिटी में दिए गए एक इंटरव्यू में पूर्व सांसद अमर सिंह और उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए थे। इस पर अमर सिंह ने विरोध दर्ज करते हुए नोएडा से लखनऊ तक एक रैली निकाली थी, जिसमें रॉबर्ट्सगंज और रामपुर भी शामिल थे।

अमर सिंह ने लगाया था आरोप

अमर सिंह ने 5 मार्च 2020 को इस मामले में लखनऊ में मुकदमा दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि आजम खां ने न केवल उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की, बल्कि उन्होंने उनके 17 वर्षीय जुड़वां बेटियों पर तेजाब फेंकने की धमकी भी दी थी। इसके बाद, यह मामला रामपुर के अजीमनगर थाने में स्थानांतरित कर दिया गया था।

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3 दिसंबर को होगा फैसला

मंगलवार को इस केस में अंतिम बहस पूरी हो गई थी और अदालत ने निर्णय के लिए 28 नवंबर की तारीख तय की थी। हालांकि, शुक्रवार को आजम खां वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए, जहां अदालत ने साक्ष्य की कमी के चलते उन्हें बरी कर दिया। कोर्ट ने 66 पेज का आदेश पारित करते हुए पाँच गवाहों की पेशी को नाकाफी माना और अभियोजन पक्ष को दोषी साबित करने में विफल पाया।

आजम खां ने जेल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

मुकदमे के दौरान, आजम खां ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन उनका मिलाई खत्म करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने स्वतंत्र जांच की मांग की और कहा कि उनका स्वास्थ्य ठीक से नहीं रखा जा। आजम खां के वकील काशिफ के अनुसार, आजम खां ने अदालत में आरोप लगाया कि उन्हें जेल में लोकल दवाइयां दी जा रही हैं, जिनमें कोई कंपनी का नाम तक नहीं है। उन्होंने कहा कि यह दवाइयां किसी प्रकार से चिकित्सकीय मानकों को पूरा नहीं करतीं। इसके अलावा, आजम खां ने यह भी कहा कि उन्हें ए कैटेगरी की सुविधा नहीं दी जा रही, जबकि अदालत के आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा है।

अदालत में पेशी के दौरान अफरातफरी

इस केस की सुनवाई के दौरान जेल प्रशासन ने आजम खां को कोर्ट तक लाने के लिए एक बड़ा कैदी वाहन लगाया। लेकिन जब आजम खां ने जेल गेट पर इसे देखा, तो उन्होंने इस वाहन में बैठने से साफ इंकार कर दिया। उनका कहना था कि यह वाहन सामान ढोने के लिए है, और वह एक राजनीतिक कैदी हैं, इसलिए इसे नकारते हुए उन्होंने अपने लिए एक बोलेरो जैसे छोटे वाहन की मांग की।

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आजम खां के समर्थन में उमड़े हजारों समर्थक

जैसे ही यह खबर फैली कि आजम खां अदालत में पेशी के लिए जाएंगे, सैकड़ों समर्थक जेल के बाहर जमा हो गए। समर्थकों ने उनकी एक झलक पाने के लिए जेल के बाहर इंतजार किया। हालांकि, आजम खां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए, लेकिन उनके समर्थक उनका स्वागत करने के लिए एकत्रित हुए थे।

Location : 
  • Rampur

Published : 
  • 29 November 2025, 1:14 PM IST