क्यों निलंबित हुए बारा तहसील के लेखपाल ? जानिए अधिकारियों ने क्या लगाए गंभीर आरोप

प्रयागराज की बारा तहसील में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लेखपाल अशोक कुमार तिवारी को निलंबित कर दिया। उन पर सरकारी कार्यों में लापरवाही, अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और सरकारी जमीन मामलों में अनदेखी के गंभीर आरोप लगे हैं। आखिर क्या है पूरा मामला पढ़ें इस खबर में...

Updated : 14 May 2026, 8:17 AM IST
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Prayagraj: प्रयागराज की बारा तहसील में प्रशासनिक लापरवाही और अनुशासनहीनता को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। तहसील इकाई बारा के अध्यक्ष और लेखपाल अशोक कुमार तिवारी को एसडीएम बारा डॉ गणेश कनौजिया ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से तहसील क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।

बारा तहसील में बड़ी कार्रवाई

जानकारी के अनुसार लेखपाल अशोक कुमार तिवारी विकास खंड शंकरगढ़ के एक गांव में तैनात थे। उन पर सरकारी कार्यों में लगातार लापरवाही बरतने, अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने और सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाने जैसे महत्वपूर्ण मामलों में उदासीन रवैया अपनाने के आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि कई बार मौखिक चेतावनी देने के बावजूद उनके कार्य व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया।

एसडीएम बारा डॉ गणेश कनौजिया ने बताया कि संबंधित लेखपाल कई वर्षों से शासन के नियमों के विपरीत अपने ही गृह ब्लॉक में तैनात रहे, जबकि इसकी जानकारी विभाग को नहीं दी गई। इसे प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन माना गया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्यों में जिम्मेदारी और पारदर्शिता बेहद जरूरी है, लेकिन संबंधित लेखपाल लगातार इन मानकों की अनदेखी करते रहे।

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जमीन मामलों में लापरवाही पर लेखपाल सस्पेंड

स्थानीय लोगों के बीच भी लेखपाल की कार्यशैली को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही थी। सरकारी भूमि पर कब्जों की शिकायतें लंबे समय से लंबित थीं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही थी। कई मामलों में अधिकारियों के निर्देशों के बावजूद मौके पर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई। इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे थे।

इसी बीच बारा तहसील मुख्यालय की बदहाल स्थिति भी चर्चा का विषय बनी हुई है। तहसील परिसर में पानी के अभाव के कारण साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। शौचालयों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि वहां कुछ मिनट रुकना भी मुश्किल हो गया है। गंदगी और दुर्गंध के कारण कर्मचारी और आम नागरिक दोनों परेशान हैं। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते तहसील परिसर की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

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बुनियादी समस्याओं पर ध्यान न दिए जाने से लोगों में नाराजगी

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। एक तरफ सरकारी कार्य प्रभावित हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आम जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। तहसील परिसर की सफाई व्यवस्था और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं पर ध्यान न दिए जाने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है। वहीं निलंबित लेखपाल अशोक कुमार तिवारी का कहना है कि उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी नहीं है।

Location :  Prayagraj

Published :  14 May 2026, 8:17 AM IST

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