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स्कूली वाहनों की होगी गहन जांच (Source: Pinterest)
Pratapgarh: बच्चों के सुरक्षित सफर को लेकर प्रतापगढ़ में परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। जिले में ‘मिशन सेफ फ्यूचर-3’ के तहत 15 सितंबर से 19 सितंबर 2026 तक विशेष जांच और प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान स्कूली वाहनों के फिटनेस, दस्तावेज और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित स्कूल और वाहन संचालकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) ए.के. शुक्ला के निर्देश पर चल रहे अभियान में जिले के सभी स्कूलों के वाहनों की जांच की जा रही है। परिवहन विभाग की टीम यह देखेगी कि वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।
स्कूली वाहनों के पास वैध पंजीकरण प्रमाण-पत्र, बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र (PUC), परमिट और फिटनेस प्रमाण-पत्र होना जरूरी है। इनमें से किसी भी जरूरी दस्तावेज के अभाव में वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
अभियान के दौरान स्कूली वाहनों में परिचर यानी अटेंडेंट की व्यवस्था भी जांची जाएगी। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन वाहनों में छात्राएं यात्रा करती हैं, उनमें महिला परिचर की नियुक्ति अनिवार्य होगी।
अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के आवागमन के दौरान सुरक्षा मानकों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परिवहन विभाग ने 15 वर्ष से अधिक पुराने स्कूली वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। ऐसे वाहनों का संचालन तत्काल बंद कराने के साथ उनके पंजीयन निरस्तीकरण के लिए परिवहन कार्यालय से संपर्क करना होगा।
यदि किसी स्कूल में 15 साल से अधिक पुराना या अनफिट वाहन बच्चों को ले जाते हुए पाया गया, तो संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य और प्रबंधक के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली, 2019 के नियम 222(छ) के तहत प्रत्येक विद्यालय में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन अनिवार्य है। समिति में स्कूल प्राधिकारी के अलावा प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग, अभिभावकों और वाहन संचालकों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
समिति की बैठक प्रत्येक वर्ष जनवरी, अप्रैल, जुलाई और अक्टूबर में त्रैमासिक आधार पर आयोजित की जानी जरूरी है।
परिवहन विभाग ने स्कूल संचालकों को सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान सुरक्षा मानकों में लापरवाही मिलने पर उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली, 2019 और मोटरयान अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
Location : Pratapgarh
Published : 16 September 2026, 11:53 AM IST