देवरिया में मौसम का कहर! कटाई से पहले खेतों में बिछ गई धान की फसल, किसानों की सालभर की मेहनत पर फिरा पानी

देवरिया में अर्नव तूफान के असर से पिछले 24 घंटे से हो रही बारिश और तेज हवाओं ने धान की तैयार फसल को नुकसान पहुंचाया है। खेतों में फसल गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। जानिए किसानों की परेशानी और नुकसान की पूरी कहानी।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 30 October 2026, 6:15 PM IST
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Deoria: देवरिया में कुदरत की मार ने किसानों की कमर तोड़नी शुरू कर दी है। जिस फसल को किसान महीनों की मेहनत और हजारों रुपये खर्च करके तैयार कर रहे थे, उसे घर लाने से ठीक पहले मौसम ने ऐसा झटका दिया कि खेतों में खुशहाली की जगह मायूसी छा गई। पिछले 24 घंटे से हो रही बारिश और तेज हवाओं ने तैयार धान की फसल को खेतों में ही गिरा दिया है। हालात ऐसे हैं कि किसानों को अब अपनी फसल बचाने की चिंता सता रही है। कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों के सामने लागत निकालने का संकट खड़ा हो गया है।

खेतों में बिछ गई धान की फसल

देवरिया की ये तस्वीरें मौसम की बेरुखी और किसानों की परेशानी की कहानी बयां कर रही हैं। खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल को देखकर किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद थी। कई किसान कटाई की तैयारी में जुटे थे तो कुछ ने फसल को जल्द से जल्द घर पहुंचाने की योजना बना रखी थी। लेकिन इसी बीच मौसम ने करवट बदल ली। अर्नव तूफान के प्रभाव से पिछले 24 घंटे से इलाके में रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश के साथ चल रही तेज हवाओं ने धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में खड़ी फसल हवा और बारिश का दबाव नहीं झेल सकी और जमीन पर गिर गई।

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हजारों रुपये खर्च करके तैयार की थी फसल

धान की खेती करना किसानों के लिए आसान नहीं होता। फसल तैयार करने के लिए शुरुआत से ही काफी मेहनत करनी पड़ती है। खेत की जुताई से लेकर बीज की खरीद, खाद, सिंचाई और कीटनाशक दवाओं तक किसानों को लगातार पैसा खर्च करना पड़ता है। इसके अलावा फसल की देखभाल में परिवार के लोग भी दिन-रात मेहनत करते हैं। कई किसान अपनी जरूरतों को पीछे रखकर खेती में पैसा लगाते हैं। कुछ किसान तो खाद, बीज और अन्य कृषि जरूरतों के लिए कर्ज तक लेते हैं।

जमीन पर गिरी फसल से दाने खराब होने का डर

बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में गिरी धान की फसल को लेकर किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है। किसानों को आशंका है कि अगर खेतों में पानी जमा रहा और बारिश का सिलसिला जारी रहा तो धान के दाने काले पड़ सकते हैं। इससे फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा है। दरअसल, धान की फसल पकने के बाद खेतों में ज्यादा नमी और लगातार बारिश होने से नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। जमीन पर गिरी फसल को काटना भी आसान नहीं होता। ऐसे में कटाई में देरी हो सकती है और किसानों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है।

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बारिश से बढ़ी ठंडक

पिछले 24 घंटे से हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में भी गिरावट आई है। मौसम में ठंडक बढ़ने से आम लोगों को भले ही कुछ राहत महसूस हो रही हो, लेकिन किसानों के लिए यह मौसम परेशानी लेकर आया है। खेतों में खड़ी और गिरी हुई फसल को देखकर किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। उनकी सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि बारिश जल्द बंद हो और मौसम साफ हो जाए। अगर धूप निकलती है तो खेतों में गिरी फसल को समेटने और बची हुई उपज को सुरक्षित करने का मौका मिल सकता है।

Location :  Deoria

Published :  30 October 2026, 6:15 PM IST

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