CISF जवान की मौत कैसे हुई? पत्नी के सवालों से मामले में नया मोड़

सीआईएसएफ जवान कर्मवीर यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार सवालों के घेरे में है। मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल की स्थिति और पत्नी के बयान में सामने आए तथ्यों को लेकर परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

गोरखपुर: सीआईएसएफ जवान कर्मवीर यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार सवालों के घेरे में है। मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल की स्थिति और पत्नी के बयान में सामने आए तथ्यों को लेकर परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। पत्नी का कहना है कि पति के शव पर गले के पास हल्की चोट दिखाई दी थी, जबकि कपड़ों पर खून का कोई निशान नहीं था। वहीं, मेडिकल रिपोर्ट में 10 और 6 सेंटीमीटर के घाव का उल्लेख होने तथा घटनास्थल पर खून नहीं मिलने से परिजनों ने घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं।

जांच कराने की मांग

शुक्रवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में न्याय की गुहार लगाने पहुंचे पिता दिनेश चन्द्र यादव, मां, पत्नी, बेटी, बहन और तीनों भाई परिवार की पीड़ा बताते-बताते फफक पड़े। पिता ने सवाल उठाया कि मजबूत कद-काठी वाले सीआईएसएफ जवान की हत्या क्या अकेला कैब चालक कर सकता है? उन्होंने घटना में अन्य लोगों की संलिप्तता की आशंका जताते हुए सीबीसीआईडी अथवा किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की।

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पिता ने बताया कि कर्मवीर तीन अक्टूबर 2026 को धनबाद से गोरखपुर आने के लिए निकला था। रात करीब 11 बजे उसने पत्नी को फोन कर ट्रेन से आने की जानकारी दी। कुछ देर बाद दोबारा फोन कर बताया कि ट्रेन छूट गई है और अब कैब से घर पहुंचेगा। इसके बाद उसने मां, छोटे भाई और बहन को फोन कर तत्काल 50 हजार रुपये भेजने को कहा। वह काफी घबराया हुआ था। परिवार रुपये की व्यवस्था करने में जुटा, लेकिन कुछ देर बाद उसका मोबाइल बंद हो गया।

चार अक्टूबर की रात करीब 12 बजे गीडा थाने के एसओ ने कर्मवीर का फोन रिसीव कर परिजनों को बताया कि वह कालेसर जीरो प्वाइंट के पास अचेत अवस्था में पड़ा है। भाई धर्मवीर यादव मौके पर पहुंचे तो पता चला कि उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। वहां पहुंचने पर उसकी मौत की जानकारी मिली।

मेडिकल रिपोर्ट और घटनास्थल पर उठाए सवाल

परिवार का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट में 10 और 6 सेंटीमीटर के घाव दर्ज हैं, जबकि पत्नी को शव पर केवल गले के पास हल्की चोट दिखाई दी। कपड़ों और घटनास्थल पर भी खून नहीं मिला। परिजनों ने इन परिस्थितियों की वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की है।

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मामले में गीडा थाने में मु0अ0सं0 490/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने कैब चालक को आरोपी बनाया है। परिजन जांच को केवल कैब चालक तक सीमित रखने से संतुष्ट नहीं हैं। प्रेसवार्ता में कर्मवीर के मित्र मनीष कमांडो ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की। पिता ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर मेडिकल रिपोर्ट, फोन कॉल और घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कराने की मांग की। परिवार की मांग है कि सच्चाई सामने आए और दोषियों को कड़ी सजा मिले।

Location :  गोरखपुर

Published :  30 October 2026, 5:30 PM IST

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