धान बेचने के लिए किसानों को नहीं करना होगा लंबा इंतजार! 1 नवंबर से शुरू होगी खरीद, खाते में 48 घंटे में आएगा पैसा

उत्तर प्रदेश में धान बेचने वाले किसानों के लिए 1 नवंबर से सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है। पूर्वी यूपी के साथ लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव में भी क्रय केंद्र खुलेंगे। इस बार कॉमन धान का एमएसपी 2441 और ग्रेड ए का 2461 रुपये प्रति कुंतल तय हुआ है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 30 October 2026, 4:12 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए धान खरीद को लेकर बड़ी खबर है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव में भी 1 नवंबर से सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है। इस बार सरकार ने खरीद का लक्ष्य बढ़ाने के साथ किसानों को भुगतान और सुविधाओं को लेकर भी खास निर्देश दिए हैं। खास बात यह है कि धान बेचने के बाद भुगतान के लिए किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

1 नवंबर से शुरू होगी धान खरीद

पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में धान की सरकारी खरीद 1 नवंबर 2026 से शुरू होकर 28 फरवरी 2027 तक चलेगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव में भी इसी तारीख से खरीद शुरू होगी।

इस साल केंद्र सरकार ने धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी में बढ़ोतरी की है। धान की कॉमन किस्म का समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति कुंतल और ग्रेड ए का एमएसपी 2461 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।

65 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य

प्रदेश सरकार ने इस बार धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर 65 लाख मीट्रिक टन प्रस्तावित किया है। इसके लिए आठ क्रय एजेंसियों के माध्यम से कुल 4500 क्रय केंद्र खोले जाने हैं। शुक्रवार तक इनमें से 4195 केंद्र शुरू किए जा चुके हैं।

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पिछले खरीद सत्र में उत्तर प्रदेश ने 62 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की थी। इस बार सरकार ने उससे अधिक खरीद का लक्ष्य रखा है। इसके लिए केंद्रों पर व्यवस्थाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।

धान बेचने के 48 घंटे के भीतर मिलेगा भुगतान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को धान बेचने के बाद 48 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जाए। खरीद प्रक्रिया में बिचौलियों का दखल रोकने के लिए पूरी व्यवस्था ऑनलाइन की गई है।

इसके अलावा किसानों को धान की उतराई, छनाई और सफाई के लिए अलग से 20 रुपये प्रति कुंतल दिए जाएंगे। यानी किसानों को इन कामों के लिए अपनी जेब से अतिरिक्त खर्च नहीं उठाना पड़ेगा।

क्रय केंद्रों पर छाया, पानी और बैठने की व्यवस्था के निर्देश

मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि सरकारी केंद्रों पर धान बेचने आने वाले किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। मौसम को देखते हुए केंद्रों पर छाया, पीने का पानी और बैठने की व्यवस्था समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को सभी जरूरी इंतजाम पहले से दुरुस्त रखने को कहा गया है।

इन संभागों और जिलों में शुरू होगी खरीद

1 नवंबर से चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर और प्रयागराज संभाग में धान खरीद शुरू होगी। लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव में भी इसी दिन से खरीद की जाएगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह प्रक्रिया 28 फरवरी 2027 तक चलेगी।

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38 हजार से अधिक किसानों ने कराया पंजीकरण

सरकारी खरीद के लिए अब तक 38 हजार से अधिक किसान पंजीकरण करा चुके हैं। जिन किसानों ने अभी तक पंजीकरण या नवीनीकरण नहीं कराया है, वे खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

धान बिक्री के दौरान किसी तरह की परेशानी होने पर किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 पर संपर्क कर सकते हैं। अधिकारियों को शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

Location :  Lucknow

Published :  30 October 2026, 4:12 PM IST

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