कोल्ड स्टोरेज में रखा आलू भी नहीं दिला रहा लागत, नई फसल को लेकर किसान चिंतित

फर्रुखाबाद में आलू के कम दाम और बदलते मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कोल्ड स्टोरेज में रखा आलू लागत नहीं निकाल पा रहा है, जबकि जिले में करीब 60 प्रतिशत बुवाई पूरी हो चुकी है।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 30 October 2026, 12:30 PM IST
google-preferred

farrukhabad: उत्तर प्रदेश के प्रमुख आलू उत्पादक जिलों में शामिल फर्रुखाबाद में किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। एक तरफ बाजार में आलू के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं, तो दूसरी तरफ लगातार बदलते मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हालात यह हैं कि कोल्ड स्टोरेज में रखा आलू भी किसानों की लागत निकालने में नाकाम साबित हो रहा है।

आलू के कम दाम से किसानों को नुकसान

जिले में बड़ी आबादी आलू की खेती पर निर्भर है। किसानों को उम्मीद थी कि कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने के बाद बाजार में बेहतर भाव मिलेगा, लेकिन कीमतों में अपेक्षित सुधार नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। किसानों के सामने अब पिछली फसल की लागत निकालने का संकट खड़ा हो गया है।

मौसम में बदलाव ने बढ़ाई चिंता

आलू किसानों की परेशानी केवल बाजार तक सीमित नहीं है। लगातार आसमान में बादल छाए रहने और बूंदाबांदी होने से मौसम को लेकर भी चिंता बनी हुई है। किसानों को डर है कि मौसम का यह बदलाव खेती-किसानी के काम को प्रभावित कर सकता है।

मौसम की अनिश्चितता और पिछली फसल में नुकसान के बावजूद किसान अगली फसल की तैयारी में जुटे हुए हैं। जिले में करीब 60 प्रतिशत आलू की बुवाई पूरी हो चुकी है। किसान बाकी बुवाई के लिए मौसम अनुकूल होने का इंतजार कर रहे हैं।

नई फसल से मुनाफे की उम्मीद पर सवाल

किसानों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पिछली फसल में लागत निकालना मुश्किल हो रहा है, तो नई फसल से मुनाफे की उम्मीद कैसे की जाए। खेती में लगातार बढ़ते खर्च और बाजार में उचित भाव नहीं मिलने से किसानों की आर्थिक चिंता बढ़ रही है।

फिलहाल फर्रुखाबाद के आलू किसानों को मौसम अनुकूल होने और बाजार में आलू का उचित मूल्य मिलने का इंतजार है। किसानों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में मौसम और बाजार का रुख क्या रहता है।

Location :  Farrukhabad

Published :  30 October 2026, 12:30 PM IST

Advertisement