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अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा एक्शन लिया है। जिला प्रशासन की टीम के साथ मिलकर करीब 115 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी को खाली करवाया है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की खास रिपोर्ट
अवैध कॉलोनियों पर ताबड़तोड़ छापे मारे (File Photo)
नोएडा: गौतमबुद्ध नगर में प्राधिकरणों की अधिसूचित जमीन पर कॉलोनाइजरों द्वारा अवैध कॉलोनियों का निर्माण धड़ल्ले से किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की और अवैध कॉलोनियों पर ताबड़तोड़ छापे मारे। दादरी तहसील के अधिकारियों ने अवैध कब्जों को हटवाने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, अभियान के तहत दादरी उप-जिलाधिकारी अनुज नेहरा के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने डूब क्षेत्र में जेसीबी चलाकर सैकड़ों बीघा जमीन से अतिक्रमण हटाया। यह कार्रवाई विशेष रूप से ग्राम सोरखा और हरनंदी नदी के डूब क्षेत्र में की गई, जहां अवैध प्लॉटिंग और कॉलोनी बनाई जा रही थीं। तहसीलदार ओमप्रकाश, राजस्व टीम, नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों और पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब तीन घंटे तक यह कार्रवाई की।
करीब 115 करोड़ रुपये की जमीन अतिक्रमण मुक्त
इस दौरान करीब 110 बीघा जमीन पर से अवैध कब्जा हटाया गया। जिसकी कीमत लगभग 115 करोड़ रुपये है। जिला प्रशासन ने इस कदम को अतिक्रमण की समस्या पर काबू पाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना है। प्रशासन ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और संबंधित प्राधिकरण की टीम के साथ मिलकर अवैध अतिक्रमण पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
लोगों से अपील- अवैध कॉलोनियों में निवेश से बचें
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी जीवनभर की कमाई अवैध कॉलोनियों में न निवेश करें। प्रशासन ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे किसी भी जमीन या कॉलोनी में निवेश करने से पहले प्राधिकरण से इसकी वैधता की जानकारी लें। अवैध कॉलोनियों में निवेश करना एक बड़ा जोखिम हो सकता है और भविष्य में किसी कानूनी विवाद का कारण बन सकता है।