न सड़क, न नाली… सिर्फ जलभराव की मजबूरी, मुगलसराय में कागजी निकला विकास का दावा

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) की एक कॉलोनी में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से स्थानीय निवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। सालों से गलियों में बने जलभराव के कारण लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 19 August 2026, 3:54 PM IST
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Mughalsarai: मुगलसराय नगर क्षेत्र की इस कॉलोनी का विकास साल 2016 में शुरू हुआ था। उस समय गिने-चुने मकानों से शुरू हुआ यह इलाका आज करीब 50 परिवारों का आशियाना बन चुका है।

बुनियादी सुविधाओं का अकाल

स्थानीय निवासी जमालुद्दीन के अनुसार, आसपास की मुख्य सड़कों का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन उनकी कॉलोनी की आंतरिक गलियों और नालियों को छोड़ दिया गया। जलनिकासी का कोई भी रास्ता न होने के कारण बारिश का पानी महीनों तक एक ही जगह ठहरा रहता है।

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दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित

कॉलोनी के निवासियों के लिए जलभराव एक स्थाई मुसीबत बन चुका है। निवासी धनंजय शर्मा ने दर्द बयां करते हुए बताया कि साल के लगभग 11 महीने गलियों में पानी जमा रहता है।

आलम यह है कि सुबह बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों को उन्हें गोद में उठाकर जलभराव पार कराना पड़ता है। स्थानीय महिला मीना देवी ने बताया कि रात के वक्त ड्यूटी से लौटने वाले लोग अक्सर अंधेरे में इस गंदे पानी में गिरकर चोटिल हो जाते हैं।

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आंदोलन की चेतावनी

राजेन्द्र पांडे समेत अन्य नागरिकों का कहना है कि वे विधायक, वार्ड सभासद और नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटकर थक चुके हैं। हर बार सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले हैं, धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि तात्कालिक राहत के रूप में रास्ते पर मलबा गिराया जाए और जल्द से जल्द स्थायी नाला निर्माण कराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो जाएगी।

Location :  Mughalsarai

Published :  19 August 2026, 3:54 PM IST

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