Mirzapur: तेंदुए के जबड़े से मौत को खींच लाई महिला वाचर! 10 मिनट तक खूंखार जानवर से भिड़ता रहा पशुपालक

मीरजापुर के ड्रमंडगंज वनरेंज में भैंस चरा रहे एक पशुपालक पर तेंदुए ने जानलेवा हमला कर दिया। 10 मिनट तक खूंखार जानवर से संघर्ष के दौरान महिला वन वाचर की सूझबूझ और बहादुरी ने उसकी जान बचा ली। घायल पशुपालक का अस्पताल में इलाज जारी है।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 5 November 2026, 6:39 PM IST
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Mirzapur: उत्तरप्रदेश के मीरजापुर जिले के ड्रमंडगंज वनरेंज के बबुरा रघुनाथ सिंह गांव के गंगहर जंगल में गुरुवार दोपहर एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई। जहां जंगल में भैंस चरा रहे एक पशुपालक पर अचानक तेंदुए ने जानलेवा हमला कर दिया। जान बचाने के लिए पशुपालक करीब 10 मिनट तक खूंखार तेंदुए से जूझता रहा। इसी दौरान मौके पर मौजूद एक महिला वन वाचर की सूझबूझ और बहादुरी के चलते उसकी जान बाल-बाल बच गई।

झाड़ियों में छिपकर बैठा था तेंदुआ

डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार, बबुरा रघुनाथ सिंह गांव के सझिया बस्ती निवासी केवला शंकर उर्फ लड़ाका कोल दोपहर के वक्त जंगल में अपनी भैंसे चराने गए थे। भैंसों को चराने के बाद वह उन्हें सुखनई नदी में पानी पिलाने के लिए ले जा रहे थे। इसी दौरान पास की झाड़ियों में घात लगाकर बैठे तेंदुए ने उन पर अचानक से हमला बोल दिया।

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महिला वाचर ने दिखाया साहस

पशुपालक की चीख-पुकार सुनकर पास के ही प्लांटेशन में ड्यूटी पर तैनात महिला वन वाचर श्याम देई तुरंत अपनी जान की परवाह किए बिना हाथ में लाठी लेकर शोर मचाते हुए मौके की तरफ दौड़ीं। महिला वाचर के लगातार हल्ला-गुल्ला करने और डंडा दिखाने की वजह से तेंदुआ घबरा गया और पशुपालक को छोड़कर जंगल की तरफ भाग निकला।

इसके बाद पास में ही बकरी चरा रहे सियाराम पाल और अन्य ग्रामीणों की मदद से लहूलुहान घायल को चारपाई पर लिटाकर किसी तरह घर पहुंचाया गया।

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अस्पताल में चल रहा इलाज

तेंदुए के हमले में पशुपालक के जांघ, पेट, हाथ और गर्दन पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही ग्राम प्रशासक पति पुंडरीक सिंह मोनू मौके पर पहुंचे और निजी साधन से घायल को पीएचसी हलिया भिजवाया। वहां डॉ. रीना सिंह ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया।

घटना की सूचना पाकर एसआई गुलाब सोनकर, वन दारोगा अखिलेश्वर दुबे, कुमार कार्तिकेय और वनकर्मी रामसजीवन वर्मा ने ग्रामीणों के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया। वन दारोगा कुमार कार्तिकेय ने पुष्टि की है कि मौके पर मिले पैरों के चिह्म चिन्ह तेंदुए के ही हैं। इस दौरान ग्रामिणों में वनपाल सिंह, लवकुश सिंह और बब्बू पाल समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

Location :  mirzapur

Published :  5 November 2026, 6:39 PM IST

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