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मिर्जापुर धर्मांतरण मामले में आरोपी इमरान और लकी अली खान विदेश भागने की तैयारी में थे। पुलिस ने मोबाइल फोल्डर से 50 से अधिक महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो बरामद किए। आरोपी अमीर महिलाओं को निशाना बनाकर जिम के बहाने धर्मांतरण करवा रहे थे।
मिर्जापुर धर्मांतरण मामला (Img: Google)
Mirzapur: मिर्जापुर में चल रहे धर्मांतरण रैकेट का खुलासा तब हुआ जब एक महिला ने 1090 महिला हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मोबाइल फोन की जांच में पासवर्ड-प्रोटेक्टेड फोल्डर पाया, जिसमें 50 से अधिक महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो थे। इसमें घूमने-फिरने, यात्राओं और निकाह से जुड़ी सामग्री भी थी।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने अमीर घरों की महिलाओं को खास तौर पर निशाना बनाया। KGN 1, KGN 2.0, KGN 3, आयरन फायर और फिटनेस क्लब जैसे जिमों का इस्तेमाल किया गया। आरोपियों में मोहम्मद शेख अली, फैजल खान, जहीर और शादाब शामिल हैं, जिनमें शादाब जीआरपी में सिपाही था।
पुलिस को सूचना मिली कि इमरान और लकी अली खान देश छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें रोकने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट और नेपाल बॉर्डर की तरफ पांच टीमों को रवाना किया गया। आरोपियों के पास दुबई जाने के पासपोर्ट भी थे। सर्विलांस के दौरान फोन कॉल्स से उनकी योजना की जानकारी पुलिस को मिली।
पुलिस ने बताया कि कुछ महिलाओं को मुफ्त जिम ट्रेनिंग का ऑफर देकर ट्रैप किया जाता था। ट्रेनिंग के दौरान फोटो और वीडियो लिए जाते थे। नंबर एक्सचेंज और निजी बातचीत के बाद उन्हें घूमने-फिरने के बहाने अलग-अलग स्थानों पर ले जाया जाता था। बुर्का पहनाकर बाजार, मंदिर, मजार जैसी जगहों पर ले जाया गया और धीरे-धीरे धर्मांतरण कराया गया।
पुलिस के अनुसार महिलाएं डर के कारण पैसे देती थीं या धर्मांतरण करवा दिया जाता था। फोटो और वीडियो सुरक्षित रखे जाते थे और दबाव बनाए जाने पर महिलाओं को धर्म परिवर्तन करना पड़ता था। गैंग बहु-स्तरीय ट्रैपिंग सिस्टम का इस्तेमाल करता था और आपस में महिलाओं की तस्वीरें शेयर कर उन्हें “टारगेट” बनाता था।
एसएसपी सोमेन वर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच के दौरान ठोस सबूत नहीं थे, लेकिन मोबाइल फोल्डर मिलने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और फरार आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया। प्रत्येक आरोपित पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस ने जिमों में छापेमारी की और कई महिलाओं को सुरक्षित किया। जांच में यह सामने आया कि आरोपी महिलाओं को धर्मांतरण और यौन शोषण के लिए योजनाबद्ध तरीके से फंसाते थे।