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पराध पर नियंत्रण और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत गोरखनाथ थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फोन पर जान से मारने की धमकी देकर रुपये वसूलने के आरोप में एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।
गोरखपुर: जनपद में अपराध पर नियंत्रण और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत गोरखनाथ थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फोन पर जान से मारने की धमकी देकर रुपये वसूलने के आरोप में एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से 4600 रुपये नगद और घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
क्या है पूरी खबर?
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर डॉ कौस्तुभ के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह की टीम ने कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार किया।
मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान आकाश यादव पुत्र परशुराम यादव निवासी खैरटिया थाना चौरा खास जनपद कुशीनगर के रूप में हुई है। उसके खिलाफ थाना गोरखनाथ में दर्ज मुकदमा संख्या 112/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(5), 351(2), 352 और 317(2) के तहत कार्रवाई की गई है। बताया गया कि पीड़ित व्यक्ति ने 14 मार्च 2026 को थाना गोरखनाथ में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी आकाश यादव ने फोन कर वादी और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। डर के माहौल में आरोपी ने वादी से पैसे भी ले लिए। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
आरोपी की तलाश शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए गोरखनाथ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से 4600 रुपये नगद तथा घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके अन्य आपराधिक कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
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आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी आकाश यादव पहले से भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ थाना गोरखनाथ में धमकी देने, गाली-गलौज और आईटी एक्ट से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2024 और 2026 में भी उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमे पंजीकृत हो चुके हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि वह लगातार आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है।
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गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक रुपेश कुमार पाल, महिला उपनिरीक्षक रंजना यादव, कांस्टेबल ऋतुबसंत सिंह तथा कांस्टेबल जितेंद्र मौर्या शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।