हिंदी
गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र के सिंहोरिया गांव में युवती की मौत के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। मोबाइल पर बातचीत को लेकर हुए विवाद में पिता ने ही हंसिए से हमला कर बेटी की हत्या कर दी। पुलिस ने 48 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और हत्या में इस्तेमाल हंसिया भी बरामद किया है।
पिता ही निकला बेटी का कातिल
Gorakhpur: पिपराइच थाना क्षेत्र के सिंहोरिया गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया था। 13 मार्च 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवती की मौत हो गई थी। शुरुआत में परिवार ने इसे गिरने का हादसा बताया, लेकिन पुलिस की गहन जांच ने सनसनीखेज खुलासा किया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, मृतका का अपना पिता ही हत्यारा निकला। पारिवारिक विवाद में गुस्से के आगोश में पिता ने अपनी बेटी को निर्ममता से पीटा जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मात्र 48 घंटे में मामले का पर्दाफाश कर आरोपी पिता कमलेश को गिरफ्तार कर लिया। घटना में इस्तेमाल किया गया खूनी हंसिया भी आरोपी की निशानदेही पर बरामद कर लिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर डॉ कौस्तुभ के विशेष अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी चौरी-चौरा के पर्यवेक्षण में पिपराइच थाना प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार श्रीवास्तव की टीम ने यह कार्रवाई की। आरोपी कमलेश पुत्र रामबृक्ष, निवासी सिंहोरिया, को अपराध संख्या 123/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। टीम में उपनिरीक्षक रमेश कुमार साहनी, कांस्टेबल संदीप कुमार और कांस्टेबल चंदन सिंह भी शामिल रहे।
नैनीताल में ब्लॉक प्रमुख ज्योति अधिकारी की आत्महत्या कोशिश से हड़कंप, लाइव के बाद जंगल में मिलीं
पुलिस के अनुसार 13 मार्च को मृतका की मां ने थाने में प्रार्थना पत्र दिया था कि उनकी बेटी गिरकर घायल हो गई और अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। लेकिन पुलिस को शुरू से ही संदेह था। पंचायतनामा, पोस्टमार्टम और प्रारंभिक जांच में चोटों की प्रकृति हादसे से मेल नहीं खा रही थी। विवेचना में पुलिस ने गांव के लोगों से पूछताछ की परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए और सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल लोकेशन की जांच की।
मृतका का एक लड़के से मोबाइल पर बातचीत को लेकर पिता कमलेश से लगातार झगड़ा होता रहता था। घटना वाले दिन भी यही मुद्दा बना। पिता-पुत्री में जोरदार कहासुनी हुई। गुस्से में अंधा कमलेश ने घर में रखे हंसिए से अपनी बेटी पर हमला बोल दिया। युवती चीखती-चिल्लाती रही लेकिन कोई मदद नहीं पहुंची। परिवार ने बाद में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर, चेहरे और शरीर पर हंसिए के वार के निशान साफ थे।
पुलिस ने आरोपी कमलेश से पूछताछ में पूरा कबूलनामा करा लिया। उसने बताया कि बेटी की आजादी से उसका गुस्सा बढ़ता जा रहा था। घटना के बाद परिवार ने मिलकर हादसा बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्त पड़ताल ने सारा खेल खुला कर दिया। आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल से खून से सना हंसिया बरामद किया गया, जो अब फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर प्रशासन का शिकंजा: सोनौली में SDM ने मारा छापा, गोदाम का खंगाला रिकॉर्ड
स्थानीय लोग घटना को लेकर सदमे में हैं। एक पड़ोसी ने कहा, “लड़की तो बस बात कर रही थी, पिता ने तो जान ले ली।” पुलिस ने आगे की जांच तेज कर दी है और आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर पूछताछ जारी रखने का फैसला किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इस तेज कार्रवाई की सराहना की और कहा कि अपराधियों को कोई छूट नहीं मिलेगी। पूरे गोरखपुर जिले में ऐसे मामलों पर सख्त नजर रखी जा रही है। परिवार की ओर से अब कोई बयान नहीं आया है, लेकिन मृतका की मां और अन्य सदस्य सदमे में हैं।