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मिर्जापुर में भारतीय किसान यूनियन का हल्लाबोल (Img: Dynamite News)
Mirzapur: भारतीय किसान यूनियन (BKU) ने शुक्रवार को मिर्जापुर के चुनार तहसील मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के विरोध में किया गया था। संयुक्त किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में, किसानों ने भारत के राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसे उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) को दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदान के अधिकारों की सुरक्षा और चुनावी सुधारों की मांग की। उन्होंने प्रशासन का ध्यान ज़िले से जुड़े विभिन्न स्थानीय मुद्दों की ओर भी आकर्षित किया।
जिला अध्यक्ष कंचन सिंह 'फौजी' के नेतृत्व में किसान नेताओं ने 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को तुरंत रद्द करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करने की मांग की। ज्ञापन में दावा किया गया है कि 13.41 करोड़ नागरिकों के मतदान के अधिकार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। किसान नेताओं ने प्रभावित मतदाताओं के अधिकारों को बहाल करने और मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग की। ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून में संशोधन का भी प्रस्ताव है। इसमें सुझाव दिया गया है कि चयन समिति में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री की जगह भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को शामिल किया जाना चाहिए।
किसान नेताओं ने चुनावों में धनबल और बाहुबल के प्रभाव पर रोक लगाने, आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली लागू करने और चुनाव संबंधी खर्चों के लिए सरकारी फंडिंग शुरू करने की मांग की। इसके अलावा ज्ञापन में दिल्ली में SIR का विरोध कर रहे छात्रों, युवाओं और अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार, तथा महिला छात्रों और पत्रकारों को परेशान किए जाने पर चिंता जताई गई। यूनियन ने इन आरोपों की जांच कराने, दोषियों को गिरफ्तार करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। किसान नेताओं ने जोर देकर कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन एक लोकतांत्रिक अधिकार है और प्रशासन से प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
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इसके अलावा ज्ञापन में कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से लोगों को घर में नजरबंद करने और शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के लिए पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर आपत्ति जताई गई। यूनियन ने नागरिकों की निजता और उनके मौलिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मिर्जापुर जिले से जुड़े कई स्थानीय मुद्दों को उठाया। उन्होंने प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे को रद्द करने की मांग की और तर्क दिया कि यह जनहित में नहीं है। साथ ही, उन्होंने अहरौरा में बनाए गए अस्थायी टोल प्लाजा को हटाने की भी मांग की। यूनियन का कहना है कि यह टोल प्लाजा 'विस्तृत परियोजना रिपोर्ट' (DPR) का हिस्सा नहीं है और इसका कोई व्यावहारिक उद्देश्य भी नहीं है।
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ज्ञापन में गंगा नदी के किनारे बसे गांवों विशेष रूप से चुनार क्षेत्र के 'ढाब' इलाके (जिसमें शिवपुर, चित्रह, जलालपुर माफी और बगही जैसे गांव शामिल हैं) में बाढ़ के कारण होने वाले मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने का भी अनुरोध किया गया।
इस कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख पदाधिकारियों में राज्य महासचिव प्रह्लाद सिंह, मंडल अध्यक्ष अनिल सिंह, जिला अध्यक्ष कंचन सिंह 'फौजी', जिला महासचिव वीरेंद्र सिंह, मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सिंह, मंडल उपाध्यक्ष परशुराम मौर्य और जिला कोषाध्यक्ष स्वामी दयाल सिंह शामिल थे। 'महिला मोर्चा' की जिला अध्यक्ष सावित्री देवी ने भी अन्य कार्यकर्ताओं के साथ इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। किसान यूनियन ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने तथा जिले के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
Location : Mirzapur
Published : 23 October 2026, 3:12 PM IST