मां के गुनाह की सजा मासूमों को नहीं! कवयित्री अनामिका जैन और पति ने उठाया बच्चों की परवरिश का जिम्मा

मुस्कान की बच्चियों के भविष्य को संवारने के लिए कवि दंपत्ति और मुंबई के इन्फ्लुएंसर ने मदद की पेशकश की है। क्या इन बच्चों की शिक्षा और परवरिश की जिम्मेदारी अब नए हाथों में होगी?

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 23 October 2026, 3:24 PM IST
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Meerut: मां के अपराध की सजा मासूम बच्चों को न मिले, इस सोच के साथ प्रसिद्ध कवयित्री डॉ. अनामिका जैन अंबर और उनके पति कवि सौरभ जैन सुमन ने एक बड़ी पहल की है। मेरठ जेल में बंद मुस्कान से मुलाकात के बाद कवि दंपत्ति ने उसकी बच्चियों की शिक्षा और लालन-पालन का खर्च आजीवन उठाने की घोषणा की है। वहीं, मुंबई के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने भी बच्ची की परवरिश और पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाने की इच्छा जताई है।

जेल में मुस्कान से मुलाकात के बाद लिया फैसला

प्रसिद्ध कवयित्री डॉ. अनामिका जैन अंबर और उनके पति सौरभ जैन सुमन ने मेरठ जेल में बंद मुस्कान से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने उसकी बच्चियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए मदद की घोषणा की। कवि दंपत्ति के मुताबिक, वे बच्चियों की पढ़ाई और लालन-पालन से जुड़े खर्चों की जिम्मेदारी आजीवन उठाना चाहते हैं, ताकि उन्हें बेहतर भविष्य मिल सके।

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अदालत से की मासूम बच्चों के भविष्य की चिंता करने की अपील

कवि दंपत्ति ने अदालत से अपील की है कि मां के अपराध की सजा उसके मासूम बच्चों के भविष्य पर नहीं पड़नी चाहिए। उनका कहना है कि बच्चों का अपने माता-पिता के कथित अपराधों में कोई दोष नहीं होता। ऐसे में उनकी शिक्षा, परवरिश और भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए संवेदनशीलता के साथ कदम उठाए जाने चाहिए।

फैजान अंसारी ने भी मदद के लिए बढ़ाया हाथ

रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने भी बच्ची के भविष्य की जिम्मेदारी उठाने की इच्छा जताई है। उन्होंने उसकी परवरिश, शिक्षा और भविष्य से जुड़े खर्चों को वहन करने की पेशकश की है। इस संबंध में उन्होंने अदालत में आवेदन भी दिया है।

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मासूम बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने की पहल

मुस्कान की बच्चियों की शिक्षा और परवरिश को लेकर सामने आई इन पेशकशों ने उनके भविष्य का सवाल फिर चर्चा में ला दिया है। कवि दंपत्ति और फैजान अंसारी की ओर से मदद की इच्छा जताई गई है। हालांकि, इस संबंध में आगे की व्यवस्था और जिम्मेदारी तय करने को लेकर अदालत की प्रक्रिया अहम होगी।

Location :  Meerut

Published :  23 October 2026, 3:02 PM IST

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