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अष्टभुजा मंदिर में पेयजल संकट (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Mirzapur: मिर्जापुर जिले के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अष्टभुजा मंदिर क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी और लगातार हो रही बिजली कटौती के कारण पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में लगे हैंडपंप भी जवाब दे चुके हैं और कई जगहों से पानी निकलना बंद हो गया है।
देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु योग माया अष्टभुजा देवी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। लेकिन मौजूदा हालात में उन्हें पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच पानी की कमी ने श्रद्धालुओं की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए आने वाले लोगों की भीड़ को देखते हुए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था बेहद जरूरी है, लेकिन जमीनी स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है।
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क्षेत्र में लगाए गए हैंडपंपों से पानी नहीं निकल रहा है, वहीं जल निगम द्वारा बिछाई गई पाइपलाइन भी पूरी तरह से प्रभावी नहीं हो पा रही है। कई जगह पाइपलाइन खराब बताई जा रही है, जिससे जल आपूर्ति बाधित है। मंदिर प्रांगण और आसपास के क्षेत्रों में पानी की सप्लाई सुचारू रूप से नहीं हो पा रही है, जिससे स्थानीय लोग भी परेशान हैं।
पाइपलाइन फेल पेयजल के लिए भटक रहे दर्शनार्थी
इस संबंध में जल निगम के जेई अरुण कुमार का कहना है कि लगातार बिजली कटौती के कारण पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि यदि बिजली की स्थिति सामान्य रहे तो पानी की सप्लाई सुचारू रूप से की जा सकती है। इसके अलावा कुछ पाइपलाइन खराब हैं, जिन्हें ठीक करने के लिए विभाग में फिटर मिस्त्री की कमी है, जिससे मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है।
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अष्टभुजा मंदिर क्षेत्र अकोढ़ी ग्राम सभा के अंतर्गत आता है, जहां लगभग 700 से 800 लोगों की आबादी निवास करती है। इसके बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं का भारी अभाव देखा जा रहा है। न तो शौचालय की समुचित व्यवस्था है और न ही पेयजल की स्थायी व्यवस्था उपलब्ध है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले टैंकर से पानी की आपूर्ति की जाती थी, लेकिन इस वर्ष यह व्यवस्था भी बंद कर दी गई है।
मंदिर क्षेत्र से लगभग एक किलोमीटर दूरी पर शासन द्वारा डाक बंगला बनाया गया है, जहां समय-समय पर अधिकारियों और मंत्रियों का आना-जाना रहता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां प्रशासनिक गतिविधियां होती हैं, वहां सुविधाएं बेहतर हैं, लेकिन मंदिर क्षेत्र और आम जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यह स्थिति “चिराग तले अंधेरा” जैसी प्रतीत हो रही है।
Location : Mirzapur
Published : 23 May 2026, 11:47 AM IST