16 साल की उम्र, 13 साल की बच्ची का अपहरण… कोर्ट ने सुनाई ऐसी सजा, 21 के बाद सीधे जेल जाएगा दोषी

बलिया की पॉक्सो अदालत ने 13 वर्षीय बच्ची के अपहरण के मामले में 16 वर्षीय किशोर को दोषी ठहराते हुए 25 साल की सजा और 30 हजार रुपये जुर्माने का फैसला सुनाया है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक दोषी को 21 वर्ष की उम्र तक गाजीपुर के विशेष बाल गृह में रखा जाएगा। इसके बाद उसे बची हुई सजा काटने के लिए मऊ जिला जेल भेजा जाएगा।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 15 August 2026, 5:26 PM IST
google-preferred

Ballia: बलिया में 13 साल की मासूम के अपहरण के मामले में पॉक्सो अदालत का फैसला सामने आया है। मामला ऐसा है जिसने कानून-व्यवस्था और बाल अपराधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। जिस उम्र में बच्चे अपना भविष्य बनाने की राह पर होते हैं, उसी उम्र में 16 वर्षीय किशोर पर एक नाबालिग बच्ची के अपहरण का आरोप लगा और अदालत में सुनवाई के बाद उसे दोषी ठहराया गया।

एडीजे पॉक्सो प्रथम कांत की अदालत ने शुक्रवार को मामले में दोषी किशोर को 25 साल की सजा और 30 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। कोर्ट ने सजा के साथ यह भी तय किया कि आरोपी को फिलहाल सीधे जेल नहीं भेजा जाएगा। उसकी उम्र को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था के तहत उसे 21 साल की उम्र तक बाल गृह में रखा जाएगा।

21 साल की उम्र तक बाल गृह में रहेगा दोषी

अदालत ने दोषी किशोर के लिए सजा का एक अलग प्रावधान तय किया है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक उसे 21 वर्ष की आयु पूरी होने तक गाजीपुर स्थित विशेष बाल गृह के अधीक्षक की निगरानी में रखा जाएगा। इस अवधि में उसकी शिक्षा और मानसिक व शारीरिक विकास से जुड़ी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

बलिया में रात के अंधेरे में हुआ जोरदार हादसा, स्कॉर्पियो-बाइक की टक्कर में युवक की मौत; साथी गंभीर

21 के बाद मऊ जिला जेल भेजा जाएगा

कोर्ट के आदेश के अनुसार दोषी किशोर के लिए 21 वर्ष की उम्र एक अहम पड़ाव होगी। जैसे ही वह 21 वर्ष की आयु पूरी करेगा, उसे गाजीपुर के विशेष बाल गृह से मऊ जिला जेल भेज दिया जाएगा। इसके बाद उसे अपनी 25 साल की निर्धारित सजा में जितना हिस्सा बाकी रहेगा, उसे जेल में रहकर पूरा करना होगा। इस तरह अदालत ने मामले में किशोर की उम्र और अपराध की गंभीरता, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सजा की व्यवस्था की है।

शौच के लिए घर से निकली थी बच्ची

विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार राय के मुताबिक, पूरा मामला 15 जुलाई 2023 का है। बलिया के पखरी थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 13 वर्षीय बच्ची सुबह शौच के लिए घर से बाहर निकली थी। आरोप के मुताबिक इसी दौरान देवरिया जिले के सलेमपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला 16 वर्षीय किशोर उसके संपर्क में आया। किशोर पर आरोप था कि उसने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसका अपहरण कर लिया।

8 साल का दर्द और झूठे आश्वासन, बलिया में सड़क न बनने से भड़के ग्रामीण, दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

मां की शिकायत पर शुरू हुई पुलिस जांच

बच्ची की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और अपहरण से जुड़े तथ्यों को जुटाया। जांच के दौरान पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अपनी विवेचना आगे बढ़ाई। मामले में पॉक्सो एक्ट से जुड़ी धाराएं भी लगाई गईं, क्योंकि पीड़िता की उम्र महज 13 साल थी।

सबूतों के आधार पर कोर्ट ने माना दोषी

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने अपना पक्ष रखा और आरोपी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों को पेश किया। विशेष लोक अभियोजक ने मामले को गंभीर बताते हुए अदालत से दोषी को कड़ी सजा देने की मांग की। अदालत ने सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी किशोर को दोषी माना। इसके बाद शुक्रवार को एडीजे पॉक्सो प्रथम कांत की अदालत ने सजा का ऐलान किया। अदालत ने 25 साल की सजा के साथ 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

Location :  Ballia

Published :  15 August 2026, 5:26 PM IST

Related News

Advertisement