मैनपुरी में बड़ा भूमि घोटाला: फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर कृषि भूमि बेच दिया

मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर संपत्ति हड़पने की साजिश के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी और उसके साथियों ने एक व्यक्ति को मृत दिखाकर उसकी कृषि भूमि के हिस्से बेच दिए। जांच में मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी उपेन्द्र जाटव को गिरफ्तार कर लिया है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 7 June 2026, 7:00 PM IST
google-preferred

Mainpuri : मैनपुरी जनपद के किशनी थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने के एक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक व्यक्ति का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर उसकी संपत्ति को बेचने की साजिश रची थी।

फर्जी मृत्यु  प्रमाण पत्र किया तैयार

थाना किशनी में दर्ज मुकदमे के अनुसार ग्राम नगला मित निवासी नितिन कुमार व अन्य लोगों पर आरोप है कि उन्होंने वादी के भाई नवल किशोर को मृत दर्शाते हुए 22 मार्च 2004 की फर्जी मृत्यु तिथि का प्रमाण पत्र तैयार कराया। इसके आधार पर वर्ष 2004, 2006 और 2009 में उसकी कृषि भूमि के छोटे-छोटे हिस्सों को विभिन्न व्यक्तियों के नाम बेच दिया गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए गलत जानकारी देकर शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया था।

दायर किया गया मुकदमा

पुलिस जांच में पता चला कि नवल किशोर की मृत्यु वर्ष 2009 में हुई थी, जबकि दस्तावेजों में वर्ष 2004 की मृत्यु तिथि दर्शाई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना किशनी में मुकदमा अपराध संख्या 161/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।

पुलिस ने की कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक मैनपुरी के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराधियों की गिरफ्तारी अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी भोगांव के पर्यवेक्षण में किशनी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी उपेन्द्र जाटव पुत्र सोने लाल निवासी थाना किशनी, जनपद मैनपुरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को ग्राम बसैत से गपकापुर जाने वाले मार्ग से गिरफ्तार किया।

साक्ष्य एकत्र करने मे जुटी पुलिस

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर विधिक कार्रवाई पूरी की गई। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक छविराम सिंह, उपनिरीक्षक योगेश कुमार सिंह, आरक्षी अजित सिंह तथा आरक्षी अजय कुमार शामिल रहे। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में फर्जीवाड़ा करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।

Location :  Mainpuri

Published :  7 June 2026, 6:59 PM IST

Advertisement