Mainpuri: घर का मामला पहुंचा कानून की दहलीज पर तो विवाद ने लिया नया मोड़

मैनपुरी में पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर दो सगे भाइयों में बड़ा विवाद सामने आया है। घर का मामला कानून के दरवाजे तक पहुंच गया है और जिलाधिकारी ऑफिस तक शिकायत की गई है। जांच के आदेशों के बीच मामला थमता नहीं दिख रहा है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 25 September 2026, 1:00 PM IST
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Mainpuri: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में दो भाइयों के बीच जमीन विवाद का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी के पास यह मामला पहुंचा और इस केस में नया मोड़ आ गया है। जांच के आदेश के बाद भी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है।

मामला थाना कोतवाली क्षेत्र के गोलाबाजार का है। गोलाबाजार निवासी रावेंद्र बाबू पुत्र स्वर्गीय अशर्फी लाल ने पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर अपने छोटे भाई मनोज कुमार पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने और न्याय दिलाने की मांग की है। जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

छोटे भाई की शिकायत को बताया गलत

रावेंद्र बाबू के मुताबिक उनके छोटे भाई मनोज कुमार ने पूर्व में जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर उन पर संपत्ति के मामले में धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था। रावेंद्र ने इन आरोपों को गलत बताते हुए अपनी ओर से जिलाधिकारी को शिकायत दी है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि मनोज कुमार करीब 40 वर्षों से दिल्ली में रह रहे हैं और उनके कोई पत्नी-बच्चे नहीं हैं। वहीं, पिता की संपत्ति में करीब 1100 वर्गफीट का पुराना कच्चा मकान था, जो लगभग 30 वर्ष पहले बारिश के दौरान गिर गया था। रावेंद्र के अनुसार, बाद में उन्होंने अपने खर्च से मकान का निर्माण कराया।

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1700 वर्गफीट प्लॉट देने की बात

रावेंद्र ने बताया कि संपत्ति में करीब 1700 वर्गफीट का एक प्लॉट भी है। उनका कहना है कि उन्होंने इस प्लॉट को अपने भाई मनोज कुमार को घर बनाने के उद्देश्य से देने की बात कही थी। इसके अलावा पिता के नाम करीब एक बीघा जमीन एन-जेड-ए आराजी लाइन, गोलाबाजार में थी, जिसे सरकार द्वारा अधिग्रहित किया जा चुका है।

प्रार्थना पत्र में रावेंद्र बाबू ने दावा किया है कि वह करीब 30 वर्षों तक अपने पिता के साथ रहकर उनकी सेवा करते रहे, जबकि उनके भाई मनोज कुमार पिता को देखने नहीं आते थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पिता ने उनके नाम वसीयत कर दी थी। 

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डीएम से शिकायत निरस्त करने की मांग

रावेंद्र बाबू ने जिलाधिकारी से अपने भाई मनोज कुमार की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र को निरस्त करने और मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है। जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने मामले में जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। संपत्ति विवाद से जुड़े दस्तावेजों और दोनों पक्षों के दावों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Location :  Mainpuri

Published :  25 September 2026, 12:45 PM IST

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