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डीएम को ज्ञापन सौंपकर लगाई न्याय की गुहार (Img: Dynamite News)
Mainpuri: मैनपुरी जनपद के घिरोर तहसील अंतर्गत ग्राम कलहोरपुवां में पूर्व सांसद प्रभु दयाल कठेरिया पर अपने राजनीतिक रसूख का दुरुपयोग कर एक गरीब परिवार की पुश्तैनी जमीन को अवैध रूप से हड़पने का आरोप लगा है। इस संबंध में 'नवजागृति कठेरिया धनुक समाज महासंघ' के राष्ट्रीय अध्यक्ष सागर कठेरिया के नेतृत्व में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार एवं जिलाधिकारी मैनपुरी को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई गई है।
सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, घिरोर तहसील के ग्राम कलहोरपुवां निवासी सुग्रीव कठेरिया पुत्र आशाराम कठेरिया उक्त ग्राम स्थित पुश्तैनी गाटा संख्या 572 व 567 के मूल काश्तकार हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनका इस भूमि पर पिछले लगभग तीन पीढ़ियों से संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत शांतिपूर्ण कब्जा है, लेकिन मुख्य आरोपी पूर्व सांसद प्रभु दयाल कठेरिया ने अपनी राजनीतिक धौंस के बल पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और अपनी पत्नी शीतल कठेरिया के नाम से एसडीएम घिरोर के कार्यालय से एक आदेश प्राप्त कर लिया।
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महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सागर कठेरिया ने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत से पीड़ित पक्ष को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। पीड़ित सुग्रीव कठेरिया ने पूर्व में इस आदेश के खिलाफ कमिश्नरी आगरा में अपील दायर की थी, जिसके बाद मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय तक पहुंचा। उच्च न्यायालय के सख्त निर्देशों के तहत कमिश्नरी आगरा द्वारा उक्त भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ साफ तौर पर 'स्टे' (स्थगन आदेश) जारी किया जा चुका है।
उच्च न्यायालय और कमिश्नरी के स्पष्ट आदेश के बावजूद, एसडीएम घिरोर और स्थानीय थाना पुलिस बार-बार खेत पर जाकर दबंगई के बल पर कब्जा कराने पर उतारू हैं। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्थानीय राजस्व प्रशासन द्वारा सरकारी दस्तावेजों के साथ भी भारी छेड़छाड़ की गई है, जिसमें आर-6 (R-6) रजिस्टर्ड में क्रमांक नंबर 1 से लेकर 5 तक की सूची को एक सोची-समझी साजिश और षड्यंत्र के तहत रिकॉर्ड से गायब या हटा दिया गया है।
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सामाजिक संगठन ने आरोप लगाया है कि पूर्व सांसद का यह कोई पहला मामला नहीं है। लगभग 2 वर्ष पहले उन्होंने आगरा जिले की बाह तहसील के अंतर्गत अपने ही सगे चचेरे भाई की पुश्तैनी भूमि को इसी तरह के जालसाजी और षड्यंत्रपूर्ण हथकंडों से कब्जा कर आगे बेच दिया था। महासंघ ने शासन-प्रशासन को चेतावनी देते हुए मांग की है कि जब तक उच्च न्यायालय का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक जमीन पर यथास्थिति बहाल रखी जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
Location : Mainpuri
Published : 13 July 2026, 2:10 PM IST
Topics : High Court Land Case mainpuri news UP News