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उत्तर प्रदेश के जनपद महराजगंज के परतावल ब्लॉक में सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान दूल्हा-दुल्हन का सामान लेकर भागने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। डाइनामाइट न्यूज़ की खबर के बाद जांच कमेटी गठित कर दी गई है और 3 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है।
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Maharajganj: महराजगंज जिले के परतावल ब्लॉक में सामूहिक विवाह कार्यक्रम अब विवादों में घिर गया है। कार्यक्रम के दौरान दूल्हा-दुल्हन का सामान लेकर भागने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया। जैसे ही यह वीडियो सामने आया, पूरे जिले में चर्चा तेज हो गई और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे।
इस मामले को डाइनामाइट न्यूज़ ने प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। लोगों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश और हैरानी दोनों देखने को मिल रही है। सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रम में इस तरह की घटना ने व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, इस पूरे मामले में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (एपीओ) दिलीप गौतम पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कहा जा रहा है कि उन्होंने कार्यक्रम के दौरान दूल्हा-दुल्हन को दिए जाने वाले सामान को लेकर वहां से निकलने की कोशिश की। इस घटना का वीडियो मौके पर मौजूद एक ठेकेदार ने बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
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वीडियो के सामने आते ही मामला तूल पकड़ने लगा और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटना न सिर्फ कार्यक्रम की गरिमा को ठेस पहुंचाती है, बल्कि जरूरतमंद जोड़ों के अधिकारों का भी उल्लंघन है। यही वजह है कि मामले ने तेजी से प्रशासनिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर तूल पकड़ लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने डीसी मनरेगा गौरवेंद्र कुमार सिंह को निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
इसके लिए एक जांच कमेटी भी गठित की गई है, जिसमें परियोजना निदेशक रामदरश चौधरी और समाज कल्याण अधिकारी विपिन यादव को शामिल किया गया है। इस समिति को तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे जिले की नजर इस मामले पर टिकी हुई है और लोग बेसब्री से जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।
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डाइनामाइट न्यूज़ की खबर के बाद जिस तेजी से प्रशासन ने एक्शन लिया है, उससे लोगों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सच सामने आता है और क्या वाकई दोषियों पर सख्त कार्रवाई होती है।
यह मामला न सिर्फ एक वायरल वीडियो तक सीमित है, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही और व्यवस्था की पारदर्शिता की भी बड़ी परीक्षा बन गया है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि इस पूरे मामले में कौन जिम्मेदार है और प्रशासन कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है।