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महराजगंज सदर के आकांक्षात्मक ब्लॉक में स्थायी ADO पंचायत की तैनाती नहीं हो सकी। दोहरी जिम्मेदारी के चलते विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका है, जबकि स्थानीय लोगों ने जल्द स्थायी नियुक्ति की मांग तेज कर दी है। स्थानीय स्तर पर असंतोष भी देखा जा रहा है।
सदर ब्लॉक में फिर टली स्थायी तैनाती
Maharajganj: महराजगंज सदर के आकांक्षात्मक ब्लॉक में एक बार फिर स्थायी एडीओ पंचायत की तैनाती नहीं हो सकी है। लंबे समय से चल रही चर्चाओं और उम्मीदों के बावजूद विभाग इस पद पर नियमित नियुक्ति करने में विफल रहा है। इसके चलते ब्लॉक की प्रशासनिक व्यवस्था अस्थायी समाधान के सहारे चल रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर असंतोष भी देखा जा रहा है।
अतिरिक्त प्रभार से संभाली जा रही जिम्मेदारी
स्थायी नियुक्ति के अभाव में विभाग ने एक बार फिर अतिरिक्त प्रभार का सहारा लिया है। परतावल ब्लॉक में एडीओ पंचायत के पद पर कार्यरत देवेंद्र पटेल को महराजगंज सदर के आकांक्षात्मक ब्लॉक का भी अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस व्यवस्था के तहत अब वे दोनों ब्लॉकों की जिम्मेदारी एक साथ निभाएंगे।
दोहरी जिम्मेदारी बनी चुनौती
दो ब्लॉकों की जिम्मेदारी एक साथ संभालना किसी भी अधिकारी के लिए आसान नहीं होता। पहले से ही पंचायत स्तर पर विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन में कई चुनौतियां बनी हुई हैं। ऐसे में अतिरिक्त प्रभार के तहत कामकाज कितना प्रभावी होगा, इस पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि स्थायी अधिकारी की अनुपस्थिति से विकास कार्यों की गति प्रभावित हो सकती है।
विकास कार्यों पर पड़ सकता है असर
आकांक्षात्मक ब्लॉक होने के कारण यहां कई सरकारी योजनाएं और विकास परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक समर्पित और स्थायी एडीओ पंचायत की जरूरत महसूस की जा रही है। अस्थायी व्यवस्था के चलते निगरानी और कार्यों की गुणवत्ता पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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स्वागत के साथ सहयोग का आश्वासन
कार्यभार ग्रहण करने के बाद ग्राम पंचायत संघ के जिला संरक्षक सुनील पटेल सहित अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों ने देवेंद्र पटेल का स्वागत किया और उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने उम्मीद जताई कि अतिरिक्त जिम्मेदारी के बावजूद वे ब्लॉक के विकास कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाएंगे।
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स्थायी समाधान की बढ़ी मांग
इस पूरे मामले के बीच एक बार फिर स्थायी एडीओ पंचायत की नियुक्ति की मांग तेज हो गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि जब तक नियमित तैनाती नहीं होगी, तब तक प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह मजबूत नहीं हो पाएगी। अब सबकी नजर विभाग के अगले फैसले पर टिकी हुई है।