Maharajganj: महराजगंज में अफसरों की बड़ी लापरवाही उजागर, तीन बीडीओ और दो एडीओ पर PD की कड़ी कार्रवाई

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत संचालित आवास प्लस सर्वेक्षण 2024 में गंभीर अनियमितताओं और समय सीमा के उल्लंघन का मामला सामने आया है। लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए परियोजना निदेशक (PD) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 30 January 2026, 3:20 PM IST
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Maharajganj: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत संचालित आवास प्लस सर्वेक्षण 2024 में गंभीर अनियमितताओं और समय सीमा के उल्लंघन का मामला सामने आया है। लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए परियोजना निदेशक (PD) ने जिले के तीन खंड विकास अधिकारियों (BDO) और दो सहायक विकास अधिकारियों (ADO) का जनवरी 2026 का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई प्रशासनिक स्तर पर सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।

समय से सत्यापन न होना पड़ा भारी

ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र संख्या M-12018/02/2019/RH-(M&T) दिनांक 14 जनवरी 2026 के क्रम में परियोजना निदेशक द्वारा 23 जनवरी 2026 तथा अनुस्मारक पत्र 27 जनवरी 2026 के माध्यम से सभी खंड विकास अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि सेल्फ सर्वे का corroboration, चेकर द्वारा verification और अपात्र परिवारों के नाम हटाने की प्रक्रिया को 29 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराया जाए, लेकिन बार-बार निर्देशों और निगरानी के बावजूद कई विकास खंडों में यह कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका, जिसके चलते हजारों डाटा लंबित पाए गए और प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी।

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इन BDO की कार्यशैली पर उठे सवाल

जांच के दौरान जिले के तीन विकास खंडों में गंभीर प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। लक्ष्मीपुर विकास खंड में BDO मृत्यंजय यादव द्वारा 2375 डाटा का पुनः सत्यापन नहीं कराया गया, वहीं निचलौल विकास खंड में BDO शमा सिंह के यहां 2005 डाटा लंबित पाए गए। इसी तरह धानी विकास खंड में BDO माधुरी द्वारा 785 डाटा का सत्यापन अधूरा छोड़ा गया। इन तीनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित खंड विकास अधिकारियों का जनवरी माह का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है।

ADO भी कार्रवाई की जद में

कार्रवाई की जद में केवल खंड विकास अधिकारी ही नहीं आए, बल्कि सहायक विकास अधिकारी (ग्राम्य विकास) भी इससे अछूते नहीं रहे। जांच में सदर विकास खंड में 356 डाटा, मिठौरा में 355 डाटा और नौतनवां में 308 डाटा का सत्यापन कार्य अधूरा पाया गया। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए ADO (ग्राम्य विकास) नगेन्द्र देव पाण्डेय (सदर) तथा विस्मिल्लाह (मिठौरा व नौतनवां) का भी जनवरी माह का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है।

आज ही काम पूरा करने की चेतावनी

परियोजना निदेशक रामदरश चौधरी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि 30 जनवरी 2026 को ही समस्त लंबित डाटा का वेरीफायर के माध्यम से पुनः सत्यापन पूर्ण कराया जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि आदेश की अवहेलना हुई तो और भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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प्रशासन का सख्त संदेश

इस कार्रवाई से साफ संकेत मिलता है कि प्रशासन अब सरकारी योजनाओं में लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा। जिम्मेदारी तय कर सीधे अधिकारियों पर कार्रवाई करना आने वाले समय में प्रशासनिक सख्ती का संकेत माना जा रहा है।

Location : 
  • Maharajganj

Published : 
  • 30 January 2026, 3:20 PM IST

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