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मकर संक्रांति स्नान के लिए प्रयागराज के संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंगलवार रात से ही लोग पहुंचने लगे हैं। 14 और 15 जनवरी को संगम की रेती पर पवित्र डुबकी लगाई जाएगी। प्रशासन ने भीड़ को संभालने के लिए स्नान घाटों की लंबाई भी बढ़ा दी है।
मकर संक्रांति पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं का तांता
Prayagraj: प्रयागराज के संगम तट पर आयोजित माघ मेले का दूसरा प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाया जाएगा। बुधवार को एकादशी का स्नान होगा और फिर गुरुवार को मकर संक्रांति स्नान का मुहूर्त है। श्रद्धालु बुधवार और गुरुवार को गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पुण्य की डुबकी लगाएंगे।
वहीं मकर संक्रांति की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी या फिर 15 जनवरी को? ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, 14 जनवरी को रात्रि 9 बजकर 39 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर रहा है।
यह पर्व सूर्य का है, इसलिए उदया तिथि के अनुसार 15 जनवरी को सूर्योदय के समय स्नान एवं दान का शुभ माना जाएगा। 14 जनवरी को षटतिला एकादशी है। ऐसी स्थिति में 15 जनवरी को ही मकर संक्रांति मनाई जाएगी।
प्रयागराज में श्रद्धालुओं का तांता
पौष पूर्णिमा स्नान पर्व के दौरान 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के सकुशल स्नान के बाद अब मेला प्रशासन ने मकर संक्रांति स्नान पर्व के लिए पूरी तरह कमर कस ली है। प्रशासन का अनुमान है कि इस अवसर पर 1 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान के लिए पहुंचेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। कुल 12,100 फीट लंबाई में स्नान घाटों का निर्माण किया गया है, जहां चेंजिंग रूम, पुआल, कॉसा और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। श्रद्धालुओं को कम से कम पैदल चलना पड़े, इसके लिए घाटों के नजदीक ही पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
माघ मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि आवागमन को सुगम बनाने के लिए 42 अस्थायी पार्किंग स्थल विकसित किए गए हैं, जिनमें एक लाख से अधिक वाहन खड़े किए जा सकेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गोल्फ कार्ट और बाइक टैक्सी सेवा भी उपलब्ध रहेगी।
पिछले वर्ष मकर संक्रांति के दिन करीब 29 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया था। इस बार इससे कहीं ज्यादा भीड़ होने की संभावना है। मेला क्षेत्र में 106 किलोमीटर से ज्यादा लंबाई में चकर्ड प्लेट की सड़कें भी बनाई गई हैं।
माघ मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय के अनुसार, पूरे मेला क्षेत्र में 17 थाने, 42 पुलिस चौकियां, 20 अग्निशमन स्टेशन, 7 अग्निशमन चौकियां, 20 अग्निशमन वॉच टावर, 1 जल पुलिस थाना, 1 जल पुलिस कंट्रोल रूम और 4 जल पुलिस सब कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं. इसके अलावा 8 किलोमीटर से अधिक डीप वाटर बैरिकेडिंग और 2 किलोमीटर रिवर लाइन बैरिकेडिंग की गई है।
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सुरक्षा व्यवस्था के तहत पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई है। नगर और मेला क्षेत्र में पहले से लगे सीसीटीवी कैमरों के अलावा एआई युक्त कैमरों सहित 400 से अधिक कैमरों से क्राउड मॉनिटरिंग, क्राउड डेंसिटी एनालिसिस, घटना रिपोर्टिंग, स्वच्छता और सुरक्षा की निगरानी की जा रही है।
जल पुलिस और एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें नावों से गश्त कर रही हैं। हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया गया है। पार्किंग स्थलों, स्नान घाटों और चौराहों पर पुलिस बल तैनात कर दी गई है। भीड़ नियंत्रण के लिए लाउडस्पीकर से लगातार घोषणाएं की जाएंगी।
शासन के निर्देश पर माघ मेले में स्वच्छता, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। मेला क्षेत्र को खुले में शौच मुक्त, दुर्गंध मुक्त और गंगा में जीरो डिस्चार्ज सुनिश्चित करने के लिए 25,880 शौचालय, 11,000 डस्टबिन, 10 लाख से अधिक लाइनर बैग, 25 सक्शन गाड़ियां और 3,300 स्वच्छता कर्मी तैनात किए गए हैं।