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अलीगंज बिल्डिंग फायर (Img- X)
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां सोमवार को एक तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लगने के कारण झुलसने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि नौ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस भीषण हादसे के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए इमारत के मालिकों समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लापरवाही बरतने के आरोप में चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की पैनी नजर है। लखनऊ अग्निकांड के बाद की स्थिति और जांच को लेकर 10 बड़े अपडेट इस प्रकार हैं।
1. मुख्यमंत्री की हाई-लेवल बैठक: लखनऊ अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सारे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए और अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की।
2. एसआईटी का गठन: इस पूरी घटना की तह तक जाने और पड़ताल के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
3. सात दिन में रिपोर्ट की समयसीमा: गठित की गई एसआईटी को पूरे मामले की बारीकी से जांच कर सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के सख्त आदेश दिए गए हैं।
4. नेताओं का घटनास्थल दौरा: स्थिति का जायजा लेने के लिए खुद सीएम योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ितों से मुलाकात की।
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5. ध्वस्तीकरण का पुराना आदेश: जांच में सामने आया है कि हादसे की शिकार इस तीन मंजिला इमारत को साल 2016 में ही ध्वस्त करने का आदेश दिया गया था।
6. आदेश का रद्द होना: चौंकाने वाली बात यह है कि साल 2016 में जारी किए गए ध्वस्तीकरण के इस आदेश को दो महीने से भी कम समय में रहस्यमयी तरीके से रद्द कर दिया गया था।
7. चार आरोपी गिरफ्तार: आग हादसे के बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इमारत के मालिकों समेत चार जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
8. घायलों का अपडेट: हादसे में घायल हुए 11 लोगों में से 9 लोगों की स्थिति में सुधार होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है।
9. नियमों के विपरीत निर्माण: शुरुआती जांच में पता चला है कि जिस बिल्डिंग में आग लगी, उसका मानचित्र (मैप) तो पास था, लेकिन धरातल पर निर्माण उसके बिल्कुल विपरीत किया गया था।
10. मुआवजे का ऐलान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया गया है।
इस भयावह हादसे को लेकर प्रशासन लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपना रहा है। मुख्यमंत्री के कड़े आदेश के बाद जानकीपुरम में बिजली विभाग के अधिकारी गौरव कुमार, अग्निशमन विभाग की इंदिरा नगर शाखा के अधिकारी कमलेन्द्र कुमार सिंह, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के सहायक अभियंता अनिल कुमार और कनिष्ठ अभियंता प्रमोद पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस ने इस मामले में रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तुषार कृष्ण जायसवाल और सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया है, जिनमें से पहले तीन लोग इस इमारत के संयुक्त मालिक थे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना में लोगों की असमय मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राज्य सरकार की तरफ से मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।
Location : Lucknow
Published : 23 June 2026, 8:53 AM IST