कौशाम्बी में अधिवक्ताओं का बड़ा ऐलान! SDM और नायब तहसीलदार की अदालतों का करेंगे बहिष्कार, 10 मांगों पर आर-पार की लड़ाई

कौशाम्बी की मंझनपुर तहसील में अधिवक्ता वेलफेयर एसोसिएशन ने 10 सूत्रीय समस्याओं को लेकर SDM मंझनपुर और नायब तहसीलदार मंझनपुर/करारी की अदालतों के बहिष्कार का फैसला लिया है। अधिवक्ताओं ने पुनर्स्थापन प्रार्थना पत्र दर्ज नहीं करने, राजस्व मामलों में देरी और बहस के बाद महीनों तक आदेश पारित नहीं होने समेत कई आरोप लगाए हैं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 4 November 2026, 3:05 PM IST
google-preferred

Kaushambi: उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले की मंझनपुर तहसील में प्रशासनिक और न्यायिक कामकाज को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। अदालतों में मुकदमों की सुनवाई, आदेश पारित करने में देरी और वादकारियों की शिकायतों के निस्तारण को लेकर अधिवक्ताओं ने अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अधिवक्ता वेलफेयर एसोसिएशन तहसील मंझनपुर ने उपजिलाधिकारी (SDM) मंझनपुर और नायब तहसीलदार मंझनपुर/करारी की अदालतों के बहिष्कार का ऐलान किया है। एसोसिएशन की आवश्यक बैठक में 10 सूत्रीय समस्याओं पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया।

10 सूत्रीय समस्याओं पर हुई बैठक

अधिवक्ता वेलफेयर एसोसिएशन तहसील मंझनपुर की आवश्यक बैठक में अधिवक्ताओं ने तहसील की प्रशासनिक और न्यायिक कार्यप्रणाली से जुड़ी 10 सूत्रीय समस्याओं को सामने रखा। बैठक में अलग-अलग मामलों की सुनवाई, प्रार्थना पत्रों को दर्ज करने की प्रक्रिया और शिकायतों के निस्तारण को लेकर चर्चा हुई। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि उनकी ओर से उठाई जा रही समस्याओं पर उचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

नियम तोड़े तो खैर नहीं, कौशाम्बी में यातायात माह का आगाज, नाबालिगों और बिना हेलमेट चालकों पर चलेगा पुलिस का डंडा

राजस्व की धारा 76 और 80 के मामलों में मनमानी का आरोप

बैठक में राजस्व की धारा 76 और 80 से जुड़े मामलों को लेकर भी नाराजगी जाहिर की गई। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि इन मामलों में मनमाने तरीके से काम किया जा रहा है। उनका कहना है कि मुकदमों की पत्रावलियों के दायरे में देरी की जाती है, जिससे मामलों की सुनवाई और आगे की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसके साथ ही बहस पूरी होने के बाद भी लंबे समय तक आदेश पारित नहीं किए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। अधिवक्ताओं के मुताबिक, कई मामलों में बहस होने के बाद महीनों तक आदेश नहीं आते। इससे मुकदमों से जुड़े वादकारियों को इंतजार करना पड़ता है और उनके मामलों का निस्तारण समय पर नहीं हो पाता।

Kaushambi News

कौशाम्बी में अधिवक्ताओं का बड़ा ऐलान (IMG: Dynamite News)

नायब तहसीलदार अतुल वर्मा पर भी नाराजगी

बैठक में नायब तहसीलदार मंझनपुर/करारी अतुल वर्मा के व्यवहार और कार्यप्रणाली को लेकर भी अधिवक्ताओं ने असंतोष जाहिर किया। अधिवक्ताओं ने उनके कामकाज के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुकदमों का निस्तारण केवल तकनीकी आधार पर नहीं होना चाहिए। उनका कहना है कि किसी भी मामले में उपलब्ध तथ्यों और उसके गुण-दोष को ध्यान में रखकर निर्णय किया जाना चाहिए। अधिवक्ताओं के मुताबिक, न्यायिक प्रक्रिया का उद्देश्य मामलों का नियमानुसार और उचित तरीके से निस्तारण करना है। ऐसे में केवल तकनीकी आधार पर मुकदमों का निपटारा किए जाने से वादकारियों को परेशानी हो सकती है। बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा हुई और संबंधित अधिकारी की कार्यप्रणाली में सुधार की मांग उठाई गई।

कौशाम्बी में सगाई के 5 साल बाद शादी से मुकरा प्रेमी, नाराज होकर टंकी पर चढ़ी प्रेमिका, बोली – कूदकर दे दूंगी जान

SDM और नायब तहसीलदार की अदालतों का करेंगे बहिष्कार

बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा के बाद अधिवक्ता वेलफेयर एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि जब तक 10 सूत्रीय समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक अधिवक्ता SDM मंझनपुर और नायब तहसीलदार मंझनपुर/करारी की अदालतों में न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। यानी अधिवक्ता इन दोनों अधिकारियों की अदालतों में मुकदमों से जुड़े न्यायिक कार्यों में हिस्सा नहीं लेंगे।

प्रशासन के अगले कदम पर टिकी निगाहें

मंझनपुर तहसील में अधिवक्ताओं के इस फैसले के बाद अब प्रशासन की भूमिका अहम हो गई है। एक तरफ अधिवक्ता 10 सूत्रीय समस्याओं के समाधान की मांग पर अड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ संबंधित अदालतों के बहिष्कार से तहसील के न्यायिक कामकाज पर असर पड़ने की आशंका है।

Location :  Kaushambi

Published :  4 November 2026, 3:05 PM IST

Related News

Advertisement