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ऑनलाइन शादी का फ्रॉड (Img: pexels)
Kanpur: कानपुर में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ऑनलाइन मैट्रिमोनियल सेवाओं पर भरोसा करने वाले लोगों को सतर्क कर दिया है। शादी कराने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये वसूलने वाले एक संगठित गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोप है कि गिरोह फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर युवकों को अपने जाल में फंसाता था और फिर अलग-अलग शुल्क के नाम पर रकम ऐंठता था।
मामले की जांच के दौरान साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शहर के अलग-अलग इलाकों में संचालित तीन संदिग्ध कॉल सेंटरों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एक संचालक को गिरफ्तार किया गया, जबकि वहां मौजूद 23 टेलीकॉलर्स से पूछताछ की गई। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई कि शादी कराने के नाम पर उससे अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम जमा कराई गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी और बैंकिंग ट्रेल की जांच शुरू की, जिसके बाद ठगी के इस संगठित नेटवर्क का पता चला।
जांच में सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया और विभिन्न वेबसाइटों से युवतियों की तस्वीरें डाउनलोड कर फर्जी प्रोफाइल तैयार करता था। इसके बाद शादी के इच्छुक लोगों से संपर्क किया जाता था। कॉल सेंटर में बैठे कर्मचारी ही महिला बनकर बातचीत करते थे और भरोसा जीतने की कोशिश करते थे।
पुलिस ने बताया पहले रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया जा रहा था। इसके बाद प्रोफाइल बनाने, रिश्ता मैच कराने, संपर्क कराने और पारिवारिक सहमति दिलाने जैसे कई बहाने बनाकर लगातार पैसे मांगे जाते थे। पीड़ितों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि रिश्ता लगभग तय हो चुका है और प्रक्रिया पूरी करने के लिए सिर्फ कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं। इसके साथ ही पूछताछ में यह भी सामने आया कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा देता था तो गिरोह उससे संपर्क कर समझौते का दबाव बनाता था। कई मामलों में खाते फ्रीज होने से बचाने के लिए आंशिक या पूरी रकम लौटाने की भी कोशिश की जाती थी।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में मोबाइल फोन, कंप्यूटर सिस्टम, एटीएम कार्ड (ATM Card), चेकबुक (Cheque Book), बैंक दस्तावेज, क्यूआर कोड (QR Code) और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। बरामद रिकॉर्ड से यह संकेत मिले हैं कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और व्यवस्थित तरीके से लोगों को निशाना बना रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के लोगों को भी निशाना बना सकता है। पुलिस को कई बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जानकारी मिली है, जिनकी गहन जांच की जा रही है।
Location : Kanpur
Published : 17 June 2026, 5:47 PM IST