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जनपद कानपुर देहात के झींझक रेलवे स्टेशन पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों ने अपनी सतर्कता, तत्परता और ईमानदारी का परिचय देते हुए एक यात्री का छूटा हुआ बैग सुरक्षित बरामद कर उसे सही हाथों तक पहुंचाया।
मुरी एक्सप्रेस में छूटे बैग को कराया सुपुर्द
Kanpur Dehat: जनपद कानपुर देहात के झींझक रेलवे स्टेशन पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों ने अपनी सतर्कता, तत्परता और ईमानदारी का परिचय देते हुए एक यात्री का छूटा हुआ बैग सुरक्षित बरामद कर उसे सही हाथों तक पहुंचाया। बैग खोलने पर उसमें लाखों रुपये की नकदी और विदेशी मुद्रा मिलने से हर कोई चौंक गया। इस पूरी घटना ने आरपीएफ की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर भरोसा मजबूत किया है।
ये है पूरा मामला
गुरुवार को डाउन मुरी एक्सप्रेस ट्रेन से अमृतसर निवासी विशाल मिश्रा अपने माता-पिता सुथलेश और सुभाषचंद्र के साथ अमृतसर से इटावा (लखना) स्थित ससुराल जा रहे थे। ट्रेन के इटावा रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के बाद जब परिवार सामान उतार रहा था, तभी अफरा-तफरी में एक बैग ट्रेन में ही छूट गया। जैसे ही इसकी जानकारी हुई, यात्री विशाल मिश्रा ने बिना देरी किए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही प्रयागराज कंट्रोल रूम सक्रिय हुआ और झींझक रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ कांस्टेबल हेत सिंह और देवेंद्र सिंह को तत्काल अवगत कराया गया। जवानों ने अलर्ट रहते हुए जैसे ही डाउन मुरी एक्सप्रेस ट्रेन झींझक स्टेशन पर पहुंची, बताए गए कोच में जाकर बैग को सुरक्षित बरामद कर लिया।
आरपीएफ के एएसआई सुखसागर सरोज की निगरानी में बैग की तलाशी ली गई, जिसमें भारतीय मुद्रा साढ़े छह लाख रुपये, कनाडा डॉलर 1522, दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप तथा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पाए गए। इतनी बड़ी रकम मिलने के बावजूद आरपीएफ जवानों ने पूरी ईमानदारी के साथ बैग को सुरक्षित रखा और तत्काल यात्री से संपर्क किया।
आरपीएफ के जवानों ने यात्री से किया संपर्क और दी सूचना
फोन पर सूचना मिलते ही विशाल मिश्रा अपनी मां के साथ झींझक रेलवे स्टेशन पहुंचे। आरपीएफ की मौजूदगी में बैग खोलकर नगदी और अन्य सामान की गिनती की गई, जो पूरी तरह सही पाई गई। अपना खोया हुआ कीमती सामान पाकर यात्री भावुक हो गया और आरपीएफ जवानों का आभार व्यक्त किया।
यात्री विशाल मिश्रा ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ कनाडा में रहते हैं और वहीं निजी नौकरी करते हैं। वह एक जनवरी को कनाडा से अमृतसर आए थे और अब ससुराल इटावा जा रहे थे। उन्होंने कहा कि झींझक आरपीएफ की तत्परता और ईमानदारी ने उनका विश्वास और मजबूत कर दिया है।