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8वें वेतन आयोग के नोटिफिकेशन में पेंशन पुनरीक्षण को शामिल न किए जाने और वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों के बीच तिथि आधारित विभेद के विरोध में सिंचाई विभाग के सिविल डिप्लोमा इंजीनियर संघ ने प्रधानमंत्री के नाम महराजगंज जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
इंजीनियर उतरे सड़कों पर
Maharajganj: भारत सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर जारी अधिसूचना 03 नवंबर 2025 में पेंशन पुनरीक्षण एवं अन्य पेंशनरी लाभों को शामिल न किए जाने के विरोध में सिंचाई विभाग के सिविल डिप्लोमा इंजीनियर संघ ने कड़ा रोष व्यक्त किया है। संघ के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन जिलाधिकारी/पुलिस आयुक्त महराजगंज के माध्यम से जिला प्रशासन को सौंपते हुए पेंशनरों के हित में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
ज्ञापन में संघ ने कहा कि 8वें वेतन आयोग के Terms of Reference में पेंशन पुनरीक्षण को शामिल न करना सेवानिवृत्त कर्मचारियों, कार्यरत कार्मिकों एवं पारिवारिक पेंशनरों के साथ गंभीर अन्याय है। इससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है, जो आने वाले समय में बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
संघ ने यह भी आपत्ति जताई कि वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों को तिथि के आधार पर विभाजित करने का प्रावधान किया गया है, जो संविधान के अनुच्छेद 14 के विरुद्ध है। ज्ञापन में माननीय उच्चतम न्यायालय के डी.एस. नाकरा बनाम भारत सरकार प्रकरण (निर्णय दिनांक 17 दिसंबर 1982) का उल्लेख करते हुए कहा गया कि पेंशन कोई कृपा या अनुग्रह नहीं, बल्कि सेवाकाल का लम्बित वेतन है, जिसे किसी भी स्थिति में तिथि के आधार पर विभेदित नहीं किया जा सकता।
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संघ ने यह भी बताया कि 7वें वेतन आयोग के गठन के समय पेंशन पुनरीक्षण को स्पष्ट रूप से उसके दायरे में शामिल किया गया था, जबकि 8वें वेतन आयोग की अधिसूचना में इसका कोई उल्लेख नहीं है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पेंशनरों के हितों की अनदेखी की जा रही है।
ज्ञापन में पेंशन को “गैर अंशदायी एवं गैर वित्त पोषित” बताए जाने वाले क्लॉज एफ-3 पर भी आपत्ति जताते हुए इसे हटाने की मांग की गई। संघ का तर्क है कि सेवाकाल में जो वेतन भुगतान नहीं किया गया, वही कर्मचारी का योगदान है, इसलिए पेंशन को न तो non-contributory कहा जा सकता है और न ही unfunded।
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अंत में सिंचाई विभाग के सिविल डिप्लोमा इंजीनियर संघ ने प्रधानमंत्री से वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों के बीच तिथि आधारित विभेद समाप्त करने, 8वें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण एवं अन्य पेंशनरी लाभों को शामिल करने तथा विवादित क्लॉज को हटाने की मांग की, ताकि कर्मचारियों एवं पेंशनरों में व्याप्त असंतोष समाप्त हो सके।