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अपार्टमेंट (Img : Google)
Lucknow : प्रदेश सरकार ने अपार्टमेंट निर्माण से जुड़े नियमों में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) स्वीकृति प्रक्रिया को पूरी तरह नया रूप दे दिया है। अब यह प्रक्रिया सीधे विकास प्राधिकरणों के हाथ से हटाकर आवास आयुक्त की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति के माध्यम से की जाएगी। जिससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने का दावा किया गया है।
प्रदेश सरकार ने अब अपार्टमेंट निर्माण के लिए एफएआर (Floor Area Ratio) की संस्तुति प्रणाली में बदलाव कर दिया है। पहले यह अधिकार विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद बोर्ड के पास होता था, लेकिन अब इसे खत्म कर एक नई 8 सदस्यीय समिति को जिम्मेदारी दी गई है।
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नई व्यवस्था के तहत आवास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति ही अब एफएआर की संस्तुति देगी। इस समिति में संबंधित जिले के डीएम द्वारा नामित एडीएम, लोनिवि और जल निगम के अधीक्षण अभियंता, सहायक नगर नियोजक, स्थानीय अग्निशमन अधिकारी सहित अन्य तकनीकी अधिकारी शामिल किए गए हैं। यह समिति सभी प्रस्तावों की गहराई से जांच करेगी।
समिति अब किसी भी प्रस्तावित अपार्टमेंट निर्माण से पहले सेट बैक, स्ट्रक्चरल सेफ्टी, फायर सेफ्टी, पार्किंग व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं की पूरी जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर स्थल निरीक्षण भी किया जाएगा ताकि किसी भी तरह की तकनीकी या सुरक्षा चूक न रहे।
पहले एफएआर अनुमन्यता की प्रक्रिया विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद बोर्ड बैठकों के माध्यम से होती थी। लेकिन इस व्यवस्था में कई व्यावहारिक दिक्कतें सामने आने के बाद सरकार ने इसे बदलने का फैसला किया है।
सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से निर्माण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी, भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी और भवन निर्माण में सुरक्षा मानकों का बेहतर पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
Location : Lucknow
Published : 5 June 2026, 7:08 AM IST