ख़जनी क्षेत्र बेलडांड में 43.75 लाख के रेलवे मुआवजे पर कथित पारिवारिक कब्जा, न्याय की गुहार लेकर खजनी थाने पहुंचे ग्रामीण

जनपद के खजनी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा बेलडांड से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां रेलवे भूमि अधिग्रहण के एवज में मिली 43.75 लाख की मुआवजा राशि को लेकर गंभीर पारिवारिक विवाद उभर आया है।आरोप है कि असहाय और गंभीर रूप से बीमार पिता के बैंक खाते से पूरी मुआवजा रकम पर बड़े पुत्र ने कथित रूप से कब्जा कर लिया, पढिए पूरी खबर

Updated : 2 February 2026, 5:38 PM IST

गोरखपुर: जनपद के खजनी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा बेलडांड से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ रेलवे भूमि अधिग्रहण के एवज में मिली 43.75 लाख की मुआवजा राशि को लेकर गंभीर पारिवारिक विवाद उभर आया है। आरोप है कि असहाय और गंभीर रूप से बीमार पिता के बैंक खाते से पूरी मुआवजा रकम पर बड़े पुत्र ने कथित रूप से कब्जा कर लिया, जिससे छोटे पुत्र को उसके वैधानिक अधिकार से वंचित होना पड़ा। न्याय की मांग लेकर थाने पहुंचे ग्रामीणों को हिरासत में लिए जाने की खबर से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है।

क्या है पूरी खबर?

जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय रामजीत यादव की जमीन रेलवे परियोजना के लिए अधिग्रहित हुई थी। 06 जनवरी 2026 को मुआवजा राशि उनके बैंक खाते में जमा हुई। उस समय रामजीत यादव चलने-फिरने में असमर्थ और गंभीर रूप से बीमार थे। परिजनों का आरोप है कि इस स्थिति का लाभ उठाकर बड़े पुत्र कमलेश यादव ने कथित तौर पर बैंककर्मी को घर बुलाकर-पिता से अंगूठा लगवाया और पूरी मुआवजा राशि अपने नियंत्रण में ले ली। आरोप यह भी है कि यह कार्रवाई सुनियोजित तरीके से की गई।

मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण

बताया गया कि रामजीत यादव के दो पुत्र हैं। छोटा पुत्र मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। पिता के निधन के बाद जब छोटे पुत्र को मुआवजे की जानकारी हुई, तब तक पूरी रकम निकाली जा चुकी थी। परिजनों का कहना है कि न तो पारिवारिक सहमति ली गई और न ही छोटे पुत्र को उसकी हिस्सेदारी दी गई।

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पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तक संघर्ष

मामले से क्षुब्ध ग्रामीण दर्जनों की संख्या में खजनी थाने पहुँचे और निष्पक्ष जांच तथा न्याय की मांग की। आरोप है कि शिकायत सुनने के बजाय पुलिस ने ग्रामीणों को थाने में बैठा लिया, जिससे ग्रामीणों में भय और असंतोष फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि वे दबाव की नीति से हतोत्साहित नहीं होंगे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा।

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ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बैंक लेन-देन, अंगूठा लगवाने की प्रक्रिया, और मुआवजा निकासी की पूरी जांच कराई जाए। साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित छोटे पुत्र को उसकी वैधानिक हिस्सेदारी दिलाई जाए। मामला न केवल पारिवारिक विश्वासघात का आरोप उजागर करता है, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। उक्त मामले पर एसएचओ खजनी जयन्त सिंह ने  बताया बैंक के जांच  उपरांत अगर जलसाजी है ,तब पुलिस कार्यवाई करेगी  ,गांव के लोग थाने पर आए प्रदर्शन किए उनको बैठाया गया ।

Location : 
  • गोरखपुर

Published : 
  • 2 February 2026, 5:38 PM IST