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वैश्विक तनाव और तेल संकट का असर फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज
Gorakhpur: गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते वैश्विक तनाव और तेल संकट का असर अब सीधे गोरखपुर की सड़कों, बाजारों और लोगों की जेब पर दिखाई देने लगा है। डीजल की किल्लत और ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी ने ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, वहीं होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों ने भी बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर डालना शुरू कर दिया है। शहर में कई होटल और ढाबों पर खाने-पीने की चीजों के दामों में 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रभावित
ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि डीजल की सीमित उपलब्धता के कारण मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। जो गाड़ियां पहले दो दिनों में अपने गंतव्य तक पहुंच जाती थीं, अब उन्हें पांच दिन तक का समय लग रहा है। इसका सीधा असर व्यापार, सप्लाई और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर पड़ रहा है।
बढ़ती महंगाई से ट्रांसपोर्ट सेक्टर भारी दबाव में
वाराणसी ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन प्रशासनिक कार्यालय गोरखपुर के ट्रांसपोर्ट संघ अध्यक्ष रामकृष्ण मिश्रा ने बताया कि डीजल संकट और बढ़ती महंगाई से ट्रांसपोर्ट सेक्टर भारी दबाव में है। उन्होंने कहा कि भाड़े में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है, लेकिन इसके बावजूद देशहित में ट्रांसपोर्ट कारोबारी इस संकट का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि हालात सामान्य होने तक व्यापारियों और आम लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
लोगों की चिंताएं लगातार बढ़ रही
वहीं शहर के रुस्तमपुर ढाला रोड स्थित राजस्थानी तड़का की मैनेजर नेहा ने बताया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में वृद्धि, ट्रांसपोर्ट भाड़े में बढ़ोतरी और गैस की संभावित किल्लत ने होटल कारोबार की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत के कारण खाने-पीने की वस्तुओं के दाम लगभग 10 प्रतिशत तक बढ़ाना मजबूरी बन गया है। गोरखपुर में बढ़ती महंगाई और ईंधन संकट का असर अब आम जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। ट्रांसपोर्ट, होटल और दैनिक जरूरतों से जुड़े कारोबार प्रभावित होने से लोगों की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।
Location : Gorakhpur
Published : 16 May 2026, 4:49 PM IST
Topics : Gorakhpur News Latest News Oil Crisis UP News