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गोरखपुर जनपद के सहजनवा थाना क्षेत्र मुहम्मदपुर गांव में एक मनबढ़ व्यक्ति की दबंगई ने दो दर्जन से अधिक परिवारों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव के मुख्य सार्वजनिक रास्ते पर पक्की चारदीवारी खड़ी कर उस व्यक्ति ने न केवल आवागमन रोक दिया है
गोरखपुर में अवैध कब्जा
Gorakhpur: गोरखपुर जनपद के सहजनवा थाना क्षेत्र मुहम्मदपुर गांव में एक मनबढ़ व्यक्ति की दबंगई ने दो दर्जन से अधिक परिवारों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव के मुख्य सार्वजनिक रास्ते पर पक्की चारदीवारी खड़ी कर उस व्यक्ति ने न केवल आवागमन रोक दिया है, बल्कि दशकों से चले आ रहे ग्रामीणों के अधिकार पर भी खुली चोट की है। इस मनमानी से तंग आकर गांव की आधा दर्जन से अधिक महिलाएं शनिवार को थाने पहुंचीं और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा रास्ता तत्काल खुलवाने की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में यह सार्वजनिक रास्ता कम से कम दस दशक पुराना है। दो दर्जन से अधिक परिवारों का दैनिक आवागमन इसी रास्ते से होता है। खेतों तक पहुंचना, बच्चों को स्कूल ले जाना, बीमारों को अस्पताल पहुंचाना—हर छोटी से बड़ी जरूरत इसी पगडंडीनुमा मार्ग से पूरी होती रही है। पूरे गांव ने कभी इस रास्ते पर व्यक्तिगत स्वामित्व का विवाद नहीं देखा, लेकिन बीते कुछ दिनों से गांव का ही एक मनबढ़ व्यक्ति कथित तौर पर जमीन को अपनी बताकर पक्की चारदीवारी खड़ी करने लगा। ग्रामीणों के रोकने पर उसने धमकियां दीं और किसी की बात सुनने से इनकार कर दिया।
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आरोप है कि चारदीवारी खड़ी होने के बाद गांव की कई महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों को अपने ही घरों तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे नाराज महिलाएं-अहमदुन निशा, सेबी निशा, जमीला, जबरन निशा और कयामुद्दीन सहित अन्य लोग-थाने पहुंचीं और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित महिलाओं ने पुलिस से कहा कि यदि रास्ता जल्द नहीं खुला, तो गांव के लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो जाएगा। साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि आरोपी अपनी दबंगई के चलते भविष्य में और भी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर सकता है।
इस मामले पर थानेदार महेश कुमार चौबे ने बताया कि शिकायत मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेज दिया गया है। स्थिति का निरीक्षण कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी हाल में सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई कर रास्ता बहाल करवाएगा, ताकि गांव के सभी परिवारों को राहत मिल सके और लंबे समय से चली आ रही इस सार्वजनिक सुविधा का उपयोग दोबारा निर्बाध रूप से हो सके।