UP के जिस गांव में नहीं हो पाती थी लड़कों की शादी, IAS दिव्या मित्तल ने बदली तस्वीर; जानिए कौन हैं

IAS दिव्या मित्तल ने 46 लाख रुपये की लंदन नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी की और IAS अधिकारी बनीं। मिर्जापुर और देवरिया की डीएम रहते हुए उन्होंने जनहित के कई बड़े काम किए। लाहुरिया दह गांव में पानी पहुंचाने से लेकर सख्त प्रशासनिक फैसलों तक, जानिए दिव्या मित्तल की पूरी Success Story

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 30 August 2026, 9:57 AM IST
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया है। तेजतर्रार फैसलों और जनहित के कामों के लिए पहचानी जाने वाली दिव्या मित्तल का प्रशासनिक सफर काफी प्रेरणादायक रहा है। देवरिया और मिर्जापुर की जिलाधिकारी रह चुकी दिव्या मित्तल ने अपने कामों से आम लोगों के बीच खास पहचान बनाई।

लाहुरिया दह गांव में पानी पहुंचाकर बदली तस्वीर

मिर्जापुर की डीएम रहते हुए दिव्या मित्तल ने लाहुरिया दह गांव में दशकों पुराने पानी संकट को खत्म करने की दिशा में बड़ा काम किया। जल जीवन मिशन के तहत अगस्त 2023 में पहली बार गांव तक पाइपलाइन के जरिए पीने का पानी पहुंचा।

बताया जाता है कि पानी की कमी के कारण गांव के लोगों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। हालात ऐसे थे कि कई युवाओं की शादी तक मुश्किल हो जाती थी। गांव में पानी पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने दिव्या मित्तल के प्रयासों को याद किया और उन्हें सम्मान दिया।

मिर्जापुर से तबादले के समय लोगों ने गुलाब के फूल बरसाकर उन्हें भावुक विदाई दी थी।

कड़े फैसलों के लिए जानी जाती थीं दिव्या मित्तल

IAS दिव्या मित्तल अपने सख्त प्रशासनिक अंदाज के लिए भी जानी जाती हैं। विकास कार्यों के निरीक्षण के दौरान लापरवाही मिलने पर वह अधिकारियों को फटकार लगाने से पीछे नहीं हटती थीं।

तहसील दिवस और अन्य सरकारी कार्यक्रमों में वह काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई को लेकर चर्चा में रहती थीं।

46 लाख रुपये के पैकेज वाली नौकरी छोड़ लौटीं भारत

दिव्या मित्तल मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली हैं। उन्होंने IIT दिल्ली से बीटेक और IIM बेंगलुरु से MBA की पढ़ाई की।

पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने सहपाठी गगनदीप सिंह ढिल्लों से शादी की। इसके बाद दोनों करीब 46 लाख रुपये सालाना पैकेज वाली नौकरी के लिए लंदन चले गए।

हालांकि, विदेश में रहने के बावजूद दोनों का मन भारत की सेवा करने का था। इसके बाद दोनों भारत लौटे और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।

पहले IPS बनीं, फिर 68वीं रैंक के साथ IAS चुनी गईं

दिव्या मित्तल ने साल 2012 में अपने पहले प्रयास में UPSC परीक्षा पास की और उनका चयन IPS के लिए हुआ। लेकिन उनका लक्ष्य IAS अधिकारी बनना था।

ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने दोबारा UPSC परीक्षा दी और साल 2013 में ऑल इंडिया 68वीं रैंक हासिल कर IAS अधिकारी बनीं।

अपने करियर में वह देवरिया और मिर्जापुर की जिलाधिकारी के अलावा बरेली विकास प्राधिकरण की VC, संयुक्त एमडी यूपीएसआईडीए, CDO गोंडा और मवाना मेरठ जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं।

पति भी हैं IAS अधिकारी

दिव्या मित्तल के पति गगनदीप सिंह ढिल्लों भी IAS अधिकारी हैं। दोनों ने साथ मिलकर सिविल सेवा की तैयारी की थी और आज दोनों प्रशासनिक सेवा में अपनी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

सोशल मीडिया पर भी लोकप्रिय हैं दिव्या मित्तल

दिव्या मित्तल सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रही हैं। उनके काम और प्रशासनिक फैसलों को लेकर बड़ी संख्या में लोग उन्हें फॉलो करते हैं।

देवरिया से तबादले के समय उन्होंने भावुक पोस्ट लिखते हुए कहा था—

"देवरिया… तुम जनपद नहीं, मेरे लिए एक जीवंत अनुभूति हो। अबोध सी आई थी, तुम्हारी मिट्टी ने मुझे गढ़ा है। यहीं से मेरी साधना को मूर्त रूप मिला।"

Location :  Deoria

Published :  30 August 2026, 9:57 AM IST

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