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इलाहाबाद हाईकोर्ट
Lucknow : लखनऊ नगर निगम से जुड़ा एक मामला अब प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गुरुवार को बड़ा आदेश जारी करते हुए लखनऊ मेयर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार फ्रीज कर दिए। कोर्ट का यह सख्त फैसला वार्ड संख्या-73 फैजुल्लागंज के निर्वाचित पार्षद को अब तक शपथ न दिलाए जाने के मामले में आया है।
जानकारी के मुताबिक, वार्ड संख्या-73 फैजुल्लागंज से जुड़े चुनाव विवाद में सत्र अदालत ने ललित किशोर तिवारी को पार्षद पद पर निर्वाचित घोषित किया था। अदालत के फैसले के बाद उम्मीद थी कि जल्द ही उन्हें शपथ दिलाकर नगर निगम की कार्यवाही में शामिल किया जाएगा, लेकिन पांच महीने गुजरने के बावजूद ऐसा नहीं हुआ। इसी देरी को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नगर निगम प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई। अदालत ने माना कि एक निर्वाचित प्रतिनिधि को उसके अधिकारों से लंबे समय तक दूर रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शब्दों में कहा कि जब किसी जनप्रतिनिधि को अदालत द्वारा निर्वाचित घोषित किया जा चुका है। तब उसे शपथ दिलाने में देरी करना उचित नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने आदेश दिया कि जब तक ललित किशोर तिवारी को शपथ नहीं दिलाई जाती, तब तक लखनऊ मेयर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार फ्रीज रहेंगे।
इस आदेश के बाद नगर निगम में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अब प्रशासन जल्द से जल्द शपथ प्रक्रिया पूरी कराने की तैयारी करेगा ताकि नगर निगम के कामकाज पर ज्यादा असर न पड़े।
Location : Lucknow
Published : 21 May 2026, 5:27 PM IST