हिंदी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी
Sultanpur: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले ने एक बार फिर कानूनी हलचल तेज कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल केस में अब नया मोड़ तब आया जब भाजपा नेता विजय मिश्र की ओर से निचली अदालत के एक आदेश को चुनौती देते हुए सत्र न्यायालय (सेशन कोर्ट) में निगरानी याचिका दाखिल की गई। इस कदम के बाद मामले की सुनवाई और आगे की प्रक्रिया एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है।
राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने जानकारी दी कि परिवादी विजय मिश्र ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें साक्ष्य के तौर पर कुछ सैंपल लेने की उनकी मांग को खारिज कर दिया गया था। अब यह मामला एडीजे पंचम की अदालत में विचाराधीन है और कोर्ट ने सुनवाई के लिए 30 मई 2026 की तारीख तय की है।
यह पूरा विवाद निचली अदालत के 2 मई के आदेश से जुड़ा है, जिसमें साक्ष्य के रूप में सैंपल लेने के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया गया था। इसी आदेश के खिलाफ अब रिवीजन याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी पूरी पत्रावली भी तलब कर ली है, जिससे आगे की सुनवाई में तेजी आने की संभावना है। अधिवक्ता संतोष पांडेय ने बताया कि आदेश की सत्य प्रतिलिपि न मिलने के आधार पर रिवीजन दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग भी कोर्ट से की गई थी। अब यह पूरी प्रक्रिया सत्र न्यायालय में आगे बढ़ रही है।
इस पूरे मामले में एक और अहम तारीख 17 जून की है, जब मूल मानहानि मुकदमे की सुनवाई कोर्ट में होगी। माना जा रहा है कि उस दिन दोनों पक्षों की दलीलों और सबूतों पर अहम चर्चा हो सकती है। यह मामला वर्ष 2018 में दर्ज किया गया था, जब भाजपा नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दाखिल किया था। इसके बाद यह केस लगातार कानूनी प्रक्रियाओं और सुनवाई के दौर से गुजर रहा है।
इस केस में पहले भी कई अहम घटनाक्रम हो चुके हैं। 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दी थी। इसके बाद 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी एमपी/एमएलए कोर्ट में उपस्थित हुए और अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया था।
रायबरेली पहुंचे राहुल गांधी, हनुमान मंदिर में की पूजा, बछरावां में बारात घर का दिया तोहफा
20 फरवरी को ही राहुल गांधी ने सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया था। कोर्ट ने उनसे अपनी बेगुनाही के संबंध में सफाई और साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा था, हालांकि राहुल गांधी के अधिवक्ता की ओर से इस पर कोई अतिरिक्त साक्ष्य या सफाई प्रस्तुत नहीं की गई थी। अब जब मामला सत्र न्यायालय पहुंच चुका है, तो दोनों पक्षों के बीच कानूनी बहस और तेज होने की संभावना है। कोर्ट के आगामी फैसले इस केस की दिशा तय कर सकते हैं।
Location : Sultanpur
Published : 21 May 2026, 5:50 PM IST