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एम्स गोरखपुर ने ओपीडी में 5500 मरीजों का स्वागत कर रिकॉर्ड बनाया। eSanjeevani टेलीमेडिसिन और नई सुपरस्पेशियलिटी सेवाओं से पूर्वांचल में स्वास्थ्य सेवाएँ और सुलभ, भरोसेमंद बन गई हैं।
एम्स गोरखपुर में मरीजों का भरोसा बढ़ा (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Gorakhpur: एम्स गोरखपुर ने 9 मार्च 2026 को अपने ओपीडी में 5500 से अधिक मरीजों का स्वागत कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया। यह आंकड़ा पूर्वांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों के बढ़ते भरोसे का प्रतीक है। बढ़ती मरीज संख्या ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एम्स गोरखपुर क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
टेलीमेडिसिन आज के डिजिटल युग में एक महत्वपूर्ण सुविधा बन चुकी है। इस सेवा के माध्यम से मरीज घर बैठे फोन, वीडियो कॉल या इंटरनेट के जरिए डॉक्टर से परामर्श ले सकते हैं। eSanjeevani भारत सरकार की निःशुल्क राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा है, जो परिवार एवं स्वास्थ्य कल्याण विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। मरीज अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) की मदद से एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन परामर्श और ई-प्रिस्क्रिप्शन प्राप्त कर सकते हैं।
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एम्स गोरखपुर में मरीजों की सुविधा के लिए आठ नई सुपरस्पेशियलिटी ओपीडी सेवाएं शुरू की गई हैं। इनमें न्यूरोसर्जरी, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, पीडियाट्रिक सर्जरी, एंडोक्रिनोलॉजी, पेन मेडिसिन, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी और कार्डियोलॉजी शामिल हैं। मरीजों के लिए ओपीडी पंजीकरण सुबह 8 बजे से शुरू होकर शाम तक चलता है। इसके अलावा सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी महत्वपूर्ण जांचें 24 घंटे उपलब्ध रहती हैं।
संस्थान में मरीजों की सुविधा के लिए कई जांचें निशुल्क की गई हैं, काउंटरों की संख्या बढ़ाई गई है और प्रत्येक मंजिल पर पंजीकरण व जांच जमा करने की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। कैंसर मरीजों के लिए रेडिएशन थेरेपी भी कम दरों पर उपलब्ध कराई जा रही है। तीमारदारों के लिए रैन बसेरा मात्र 10 रुपये प्रतिदिन पर उपलब्ध है, जिससे दूर-दराज़ से आने वाले मरीजों के परिजनों को राहत मिलती है।
एम्स गोरखपुर सोमवार से शुक्रवार दोपहर 2:00 बजे से 4:00 बजे तक टेलीमेडिसिन विशेषज्ञ परामर्श प्रदान करता है। इसका साप्ताहिक कार्यक्रम इस प्रकार है:
सोमवार: मनोचिकित्सा, पीएमआर एवं सीएफएमएफ
मंगलवार: बाल रोग एवं नेत्र रोग
बुधवार: मेडिसिन, अस्थि रोग एवं ईएनटी
गुरुवार: सर्जरी, त्वचा रोग एवं दंत चिकित्सा
शुक्रवार: स्त्री एवं प्रसूति रोग तथा रेडिएशन ऑन्कोलॉजी
बढ़ती मरीज संख्या के बावजूद एम्स के चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा में लगे हुए हैं। अस्पताल प्रशासन ने लंबी कतारों और बड़े मरीज भार को देखते हुए कई व्यावहारिक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की हैं।
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एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक Major General Vibha Dutta ने कहा कि बढ़ती ओपीडी संख्या संस्थान पर लोगों के भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे eSanjeevani जैसी निःशुल्क डिजिटल सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करें। इससे अस्पतालों में अनावश्यक भीड़ कम होगी, मरीजों का समय और खर्च बचेंगे, और दूरदराज़ क्षेत्रों के लोग विशेषज्ञ परामर्श आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।