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ग्रेटर नोएडा डबल मर्डर केस में आया कोर्ट का फैसला (फोटो:Pexels)
Greater Noida: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के चर्चित डबल मर्डर मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए पांच सगे भाइयों समेत नौ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला पंचायत के दौरान खुलेआम फायरिंग कर दो लोगों की हत्या से जुड़ा था, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।
यह मामला लंबे समय से अदालत में विचाराधीन था। पुलिस जांच, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अपना पक्ष रखा, जिसके बाद अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार करते हुए फैसला सुनाया। इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जबकि स्थानीय प्रशासन ने भी अदालत के निर्णय का स्वागत किया है।
दूसरे एडिशनल सेशन जज सोमप्रभा मिश्रा की अदालत ने 2021 में बादलपुर इलाके के गिरधरपुर सुनारसी गांव में ज़मीन के विवाद से जुड़े दोहरे हत्याकांड मामले में अपना फ़ैसला सुनाया। अदालत ने हत्या, हत्या की कोशिश और दंगा करने जैसे अपराधों के लिए नौ लोगों—जिनमें पांच सगे भाई भी शामिल हैं—को दोषी ठहराया। उन्हें उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई और हर एक पर ₹86,000 का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना न भरने पर एक साल की अतिरिक्त सज़ा भुगतनी होगी। फ़ैसले के बाद मारे गए लोगों के परिवारों ने राहत की सांस ली और कोर्ट परिसर का माहौल भावुक हो गया।
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ADGC (क्राइम) धर्मेंद्र जयंत के अनुसार, यह घटना 8 फरवरी, 2021 को हुई थी। गांव में ज़मीन के एक टुकड़े के कब्ज़े को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस मामले को सुलझाने के लिए एक पंचायत बुलाई गई थी। जैसे ही पंचायत शुरू हुई, आरोपी पक्ष ने गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की नीयत से लाइसेंसी और अन्य हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग की। इस फायरिंग में सुरेश (उर्फ़ सालेक), अमित (गजेंद्र का बेटा) और प्रेम (खजान का बेटा) गंभीर रूप से घायल हो गए।
जांच के दौरान, पुलिस ने घटनास्थल से सबूत इकट्ठा किए और चश्मदीदों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक सबूतों को शामिल करते हुए चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे के दौरान, अदालत ने CRPC की धारा 319 के तहत अमित बंसल को तलब किया और उन्हें मामले में आरोपी बनाया। सभी सबूतों की जांच के बाद, अदालत ने देवेंद्र, रविंद्र, सतेंद्र, धर्मेंद्र, जितेंद्र, भोपाल, महिपाल उर्फ अल्लू, अमरजीत बंसल और अमित बंसल को दोषी ठहराया। सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा कि सामूहिक गोलीबारी में दो लोगों की मौत और एक अन्य के गंभीर रूप से घायल होने की घटना बेहद जघन्य अपराध है।
सजा तय करते समय अपराध की प्रकृति, गंभीरता और समाज पर इसके असर को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसी आधार पर, कानून की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई गई—जिसमें उम्रकैद भी शामिल है। फैसले के समय, पांच दोषी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए, जबकि चार अदालत में व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे।
सजा के संबंध में, बचाव पक्ष के वकील ने नरमी बरतने की अपील की। उन्होंने तर्क दिया कि देवेंद्र, रविंद्र, सतेंद्र, धर्मेंद्र और जितेंद्र सगे भाई थे; उनके पिता का निधन हो चुका था और परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। महिपाल अविवाहित था, जबकि भोपाल और बंसल भाइयों के छोटे बच्चे थे। उनमें से किसी का भी आपराधिक इतिहास नहीं था, और यह मामला 'दुर्लभतम से दुर्लभ' (rarest of rare) श्रेणी में नहीं आता था। हालांकि, अपराध की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने इन सभी तर्कों को खारिज कर दिया।
प्रेम सिंह, जो इस दोहरे हत्याकांड के मामले में घायल हुए थे, बाद में सबसे महत्वपूर्ण चश्मदीद गवाह बने। इलाज के बाद, उन्होंने अदालत में अहम गवाही दी। उन्हें शुरुआती कुछ महीनों तक पुलिस सुरक्षा मिली, लेकिन सुरक्षा हटाए जाने के बाद, 16 दिसंबर 2021 को खेतों से घर लौटते समय बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। इस घटना के संबंध में मुख्य आरोपी के खिलाफ एक अलग मामला भी दर्ज किया गया था।
Location : Greater Noida
Published : 30 June 2026, 8:33 PM IST