सरयू नदी के उफान से गोरखपुर में बढ़ा बाढ़ का खतरा; जानिए इससे निपटने के लिए SDM ने क्या की हैं तैयारियां?

सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गोरखपुर की गोला तहसील में प्रशासन हाई अलर्ट पर है। SDM ने पटना, बगहा और ज्ञानकोल गांवों का निरीक्षण कर राहत शिविरों, पेयजल, दवाओं और पशु चारे के पुख्ता इंतजाम के निर्देश दिए। प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। पढिए पूरी खबर

Gorakhpur: सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ के खतरे को देखते हुए गोला तहसील प्रशासन हाई अलर्ट पर है। इसी सिलसिले में, गोला के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) मनीष कुमार ने बरहलगंज के नायब तहसीलदार जयप्रकाश के साथ मिलकर बाढ़ संभावित इलाकों जैसे पटना, बगहा और ज्ञानकोल गांवों का बारीकी से निरीक्षण किया। दौरे के दौरान, अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत करके उनकी चिंताओं और जरूरतों को समझा।

प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान, SDM ने ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों और राजस्व कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे बाढ़ से प्रभावित हो सकने वाले परिवारों की पहचान करें और तुरंत एक अपडेटेड सूची तैयार रखें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आपदा के समय लोगों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए राहत शिविरों में साफ पीने का पानी, स्वच्छता, बिजली, खाद्य सामग्री और दवाइयों जैसी आवश्यक सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराई जाएं।

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ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील

ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए, SDM ने सलाह दी कि यदि सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता है या प्रशासन की ओर से क्षेत्र खाली करने का निर्देश जारी किया जाता है, तो वे बिना देरी किए राहत शिविरों या निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। उन्होंने कहा कि समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचना ही जान-माल के नुकसान को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।

स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को किया गया अलर्ट

प्रशासन ने कम्युनिटी हेल्थ सेंटर को भी अलर्ट पर रखा है। अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों, बुजुर्गों और अन्य संवेदनशील नागरिकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों या अस्पतालों तक पहुंचाया जा सके। इसके अलावा, पशुपालन विभाग को पशुओं के उपचार, टीकाकरण और चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

पुलिस की निगरानी बढ़ी

स्थानीय पुलिस और बीट अधिकारियों को संवेदनशील गांवों में नियमित गश्त करने, गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत प्रशासन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की लगातार निगरानी के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों, ग्राम प्रधानों और राजस्व कर्मचारियों को जोड़ते हुए क्षेत्रवार व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश भी जारी किए गए।

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तटबंध और कटाव-रोधी कार्यों की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने घाघरा (सरयू) नदी के किनारे सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे तटबंध निर्माण और कटाव-रोधी कार्यों का भी निरीक्षण किया। SDM मनीष कुमार ने संबंधित अधिकारियों को सभी सुरक्षा उपाय युद्धस्तर पर पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों से बेहतर समन्वय बनाकर तय समय-सीमा के भीतर बाढ़ पूर्व तैयारियां पूरी करने को कहा, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी और प्रभावी ढंग से किए जा सकें।

Location :  गोरखपुर

Published :  27 July 2026, 11:07 AM IST

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