‘अंतिम सांसों तक रही बलरामपुर की फिक्र’; जानिए कैसे जनसेवा की मिसाल बने रहे पूर्व मंत्री हनुमंत सिंह

बलरामपुर के पूर्व विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री हनुमंत सिंह का लखनऊ के अस्पताल में निधन हो गया। 1989 से 1993 तक बलरामपुर का प्रतिनिधित्व करने वाले और पूर्व गन्ना विकास मंत्री रहे हनुमंत सिंह सादगी और जनसेवा के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से जिले में शोक की लहर दौड़ गई है और कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

Balrampur: उत्तर प्रदेश की राजनीति में सुचिता, सादगी और जमीनी जुड़ाव की मिसाल रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री हनुमंत सिंह के निधन की खबर सुनते ही जिले की राजनीति में सन्नाटा छा गया। लखनऊ के एक अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से न केवल एक वरिष्ठ राजनेता का नुकसान हुआ है, बल्कि बलरामपुर जिले ने एक सच्चे जनसेवक और सिद्धांतों पर चलने वाले मार्गदर्शक को भी खो दिया है।

बलरामपुर के विकास में निभाई अहम भूमिका

हनुमंत सिंह सिर्फ एक नाम नहीं थे; वे बलरामपुर के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास का एक अहम अध्याय थे। 1989 से 1993 तक बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने विकास की जो नींव रखी थी, उसकी गूंज आज भी जिले के हर कोने में सुनाई देती है। गन्ना विकास मंत्री के तौर पर किसानों के अधिकारों के लिए लिए गए उनके ऐतिहासिक फैसलों ने उन्हें लोगों के बीच मसीहा का दर्जा दिलाया। चुनावी जीत-हार से परे, बलरामपुर की मिट्टी और वहां के लोगों के साथ उनका एक भावनात्मक रिश्ता था एक ऐसा रिश्ता जिसे समय कभी कमज़ोर नहीं कर सका।

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जनसेवा को बनाया जीवन का मूल मंत्र

ऐसे दौर में जब राजनीति अक्सर पद और सत्ता पाने तक ही सीमित दिखती है, हनुमंत सिंह इस सिद्धांत पर जिए कि जनसेवा ही सर्वोपरि है। वे हमेशा जनता के लिए उपलब्ध रहते थे; गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के लिए उनके घर के दरवाजे चौबीसों घंटे खुले रहते थे। बलरामपुर के स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं और राजनेताओं की नई पीढ़ी के लिए वे एक विशाल बरगद के पेड़ की तरह थे प्यार भरे आशीर्वाद और ज्ञान का स्रोत, जो हर संकट में मार्गदर्शन देते थे।

आखिरी दिनों तक रही किसानों की चिंता

स्थानीय लोग बताते हैं कि अपने आखिरी सालों में और बीमारी के दौरान भी, जब कोई उनसे लखनऊ या उनके घर पर मिलने आता था, तो वे अपनी सेहत के बारे में पूछने से पहले बलरामपुर की खैर-खबर और वहां के किसानों व गरीबों की खुशहाली के बारे में पूछते थे। अपनापन और फिक्र की यही सच्ची भावना उन्हें दूसरे नेताओं से अलग और सचमुच महान बनाती थी।

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जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने दी श्रद्धांजलि

हनुमंत सिंह का निधन उत्तर प्रदेश की राजनीति और खासकर तराई क्षेत्र के सामाजिक ताने-बाने के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वे अपने पीछे सिद्धांतों, ईमानदारी और निस्वार्थ जनसेवा की जो विरासत छोड़ गए हैं, वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उनके निधन पर सदर विधायक पलटू राम, बलरामपुर नगर पालिका परिषद के चेयरमैन धीरेंद्र प्रताप सिंह 'धीरू', डीपी सिंह, शुभेंद्र मिश्रा, वरुण सिंह 'मोनू', अजय सिंह 'पिंकू', अंबिका मिश्रा और छात्र नेता अभिषेक सिंह समेत पत्रकार सर्वेश सिंह और अविनाश त्रिपाठी, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने शोक व्यक्त किया है।

Location :  Balrampur

Published :  27 July 2026, 2:09 PM IST

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