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बेवरी चौराहा बना धूल का अड्डा
Gorakhpur: गोला नगर पंचायत क्षेत्र के बेवरी चौराहा पर पिछले एक वर्ष से अधूरा पड़ा सड़क निर्माण कार्य अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुका है। निर्माण कार्य की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के कारण इलाके में हर समय धूल का गुबार उड़ता रहता है, जिससे आमजन का जीना दूभर हो गया है। सांस संबंधी बीमारियों से लेकर आंखों में जलन तक की समस्या आम हो गई है। लोग प्रशासन से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
बेवरी चौराहा राम-जानकी मार्ग पर स्थित है, जो गोला कस्बे को आसपास के गांवों से जोड़ता है। इस मार्ग का चौड़ीकरण और ऊंचाईकरण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, लेकिन नगर पंचायत क्षेत्र के अंदर स्थित यह हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया है। करीब एक वर्ष पहले नगर पंचायत गोला ने चंद चौराहा से बेवरी चौराहा तक नाला निर्माण और सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू किया था। चंद चौराहा तक तो निर्माण पूरा हुआ, मगर बेवरी चौराहा के उत्तर और पूरब दिशा की सड़क का कार्य ठप पड़ा हुआ है।
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बरसात के दौरान यह सड़क कीचड़ और जलभराव का केंद्र बन गई थी। वहीं अब सूखे मौसम में अधूरी सड़क पर बिछी गिट्टी से इतनी धूल उड़ती है कि आसपास रहना मुश्किल हो गया है। वाहन गुजरते ही पूरे इलाके में धूल का बादल छा जाता है। दुकानदारों को दिन में कई बार अपनी दुकानें साफ करनी पड़ती हैं, फिर भी सामान पर धूल की परतें जम जाती हैं।
स्थानीय निवासी अमेरिका लाल, बाल गोविंद, बबलू, शशिभूषण राय, गिरिजेश विश्वकर्मा और अशोक राय बताते हैं कि धूल से लोगों को सांस लेने में परेशानी होती है। कई बच्चे और बुजुर्ग लगातार खांसी और एलर्जी की समस्या से पीड़ित हैं। कुछ लोगों को आंखों में जलन और सिर दर्द की शिकायत भी बनी हुई है। हाल ही में धूल भरी सड़क पर फिसलकर एक स्थानीय पत्रकार घायल हो गया, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी और बढ़ गई है।
नागरिकों का कहना है कि ठेकेदार और विभागीय अधिकारी केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। जब शिकायत होती है तो कुछ समय के लिए सड़क पर पानी का छिड़काव कर दिया जाता है, लेकिन अगले ही दिन वही हालात फिर बन जाते हैं। नाले की खुदाई अधूरी पड़ी है, जिससे किनारों पर मलबा जमा हो गया है और राहगीरों को चलना मुश्किल हो गया है।
स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि लगातार उड़ती धूल से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। ग्राहक सड़क के किनारे स्थित दुकानों पर आने से कतराने लगे हैं। दुकानदारों को रोजाना सामान ढककर रखना पड़ता है, फिर भी खाद्य वस्तुएं और कपड़े धूल से खराब हो रहे हैं।
लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से लेकर जिले के अधिकारियों तक कई बार शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि ठेकेदार को भुगतान होने के बाद काम को जानबूझकर अधूरा छोड़ दिया गया। इससे सरकार की साख पर भी सवाल उठ रहे हैं।
एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के एक्सईएन ध्रुव अग्रवाल ने इस संबंध में कहा कि "निर्माण कार्य क्रमवार रूप से चल रहा है। त्योहारों के कारण मजदूरों की उपलब्धता कम होने से काम की गति धीमी पड़ी थी। त्योहारों के बाद अधूरे हिस्सों की सूची तैयार कर जल्द ही सभी कार्य पूरे कराए जाएंगे।"
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ बहाना है। उन्हें इस तरह के आश्वासन पिछले एक साल से मिल रहे हैं, लेकिन धरातल पर कोई सुधार नहीं हुआ। वे मांग कर रहे हैं कि जिला प्रशासन खुद निरीक्षण करे और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए।
गोला नगर पंचायत क्षेत्र के कई सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले में आवाज उठाई है। "गोला विकास मंच" के सदस्य राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि "धूल से पूरा इलाका प्रभावित है। प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर सड़क निर्माण कार्य पूरा कराना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिले।"
फिलहाल, बेवरी चौराहा क्षेत्र में हालात बेहद खराब हैं। धूल के गुबार से राहगीरों की आंखें खुली नहीं रहतीं और वाहन चालक धुंध जैसे माहौल में चलने को मजबूर हैं। हर गुजरते दिन के साथ लोगों का सब्र टूटता जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही काम पूरा नहीं कराया गया, तो वे सामूहिक रूप से धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। लोगों को अब बस इस बात की उम्मीद है कि प्रशासन जागे और बेवरी चौराहा एक बार फिर विकास की राह पर लौटे, न कि धूल के गुबार में गुम हो जाए।
Location : Gorakhpur
Published : 25 October 2025, 12:22 PM IST
Topics : Dust Pollution Gorakhpur News Government Negligence Public Suffering Road Construction Delay