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गोरखपुर कोर्ट का बड़ा फैसला फोटो सोर्स-डाइनामाइट
Gorakhpur: वर्ष 2013 में थाना बेलीपार क्षेत्र में दर्ज मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में करीब 13 वर्ष बाद न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए अभियुक्त लालचंद को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपी को पांच वर्ष के सश्रम कारावास तथा तीन हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत प्रभावी पैरवी और सतत मॉनिटरिंग का परिणाम मानी जा रही है।
मारपीट कर पीड़ित को गंभीर रूप से घायल
जानकारी के अनुसार, थाना बेलीपार में वर्ष मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में आरोप था कि अभियुक्त ने मारपीट कर पीड़ित को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब मामले में फैसला आया है।
मामले की लगातार निगरानी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के अंतर्गत थाना स्तर पर पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने इस मामले की लगातार निगरानी की। प्रभावी साक्ष्य प्रस्तुत करने और न्यायालय में मजबूत पैरवी के चलते जिला एवं सत्र न्यायालय गोरखपुर ने अभियुक्त लालचंद पुत्र रामप्यारे निवासी महावीर छपरा, थाना बेलीपार को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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न्यायालय ने अपने आदेश में अभियुक्त को पांच वर्ष के सश्रम कारावास के साथ तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। यह फैसला ऐसे मामलों में एक मजबूत संदेश माना जा रहा है कि गंभीर अपराधों में कानून की पकड़ से बच निकलना आसान नहीं है, चाहे मामला कितना भी पुराना क्यों न हो।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार “ऑपरेशन कनविक्शन” के तहत पुराने और लंबित मामलों में तेजी से प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को सजा दिलाने की कार्रवाई जारी है। इस मामले में दोषसिद्धि सुनिश्चित कराने में डीजीसी श्री प्रियानंद सिंह और एडीजीसी जयनाथ यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी पैरवी को पुलिस विभाग ने सराहा है।
गोरखपुर पुलिस की इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था मजबूत करने और अपराधियों में भय पैदा करने की दिशा में अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
Location : Gorakhpur
Published : 25 May 2026, 9:45 PM IST
Topics : Gorakhpur News Latest News up crime UP Police