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प्रयागराज में गंगा-यमुना का कहर
Prayagraj News: प्रयागराज में बुधवार देर रात से जारी तेज बारिश और आंधी-तूफान ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। गंगा और यमुना नदी के किनारे बसे क्षेत्र, विशेषकर संगम तट, दारागंज, झूंसी और नैनी घाट, सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता को मिली जानकारी के अनुसार, इन इलाकों में सैकड़ों नावों के डूबने और बह जाने की खबर से नाविक समुदाय में अफरा-तफरी मच गई है।
25 वर्षों में ऐसा तूफान नहीं देखा
स्थानीय नाविकों का कहना है कि उन्होंने पिछले 25 सालों में इतना भयंकर तूफान और तबाही कभी नहीं देखी। नदी के किनारों पर बंधी नावें तेज हवाओं और ऊंची लहरों की चपेट में आकर एक-एक कर बहती चली गईं। कई नावें पलट गईं, तो कुछ नावें अब तक लापता हैं। नाविक रामप्रकाश निषाद का कहना है हम पूरी रात नावें बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन तेज लहरों ने सब तबाह कर दिया। अब न काम है, न कमाई।
वीडियो में दिखी तबाही की तस्वीरें
स्थानीय लोगों और नाविकों द्वारा बनाए गए वीडियो फुटेज में देखा गया कि गंगा में समुद्र जैसी लहरें उठ रही थीं। कई नावें पानी में डगमगा रही थीं और फिर लहरों में समा गईं। कुछ नाविक अपनी जान जोखिम में डालकर नावों को बचाने में लगे थे, लेकिन तूफानी हवाओं के आगे उनकी कोशिशें नाकाम रहीं।
आजीविका पर संकट, मुआवजे की मांग
प्रयागराज के नाविकों की अर्थव्यवस्था पूरी तरह नावों पर निर्भर है। एक ही रात में उनकी कमाई का मुख्य जरिया खत्म हो गया। नाविक संघ के अध्यक्ष हरिश्चंद्र साहनी ने कहा हमारे परिवार अब भूखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। सरकार तुरंत राहत दे वरना हालात और बिगड़ेंगे। प्रभावित नाविकों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजा, राशन और वैकल्पिक रोजगार की मांग की है।
प्रशासन ने शुरू किया सर्वे
प्रयागराज जिला प्रशासन की ओर से नावों के नुकसान का सर्वेक्षण कराया जा रहा है। अधिकारियों ने घाटों पर पहुंचकर नाविकों से बातचीत की और तस्वीरें व वीडियो के आधार पर नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया है। उधर, मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक और भारी बारिश व तेज हवाओं की चेतावनी दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे जाने से बचें और आपात स्थिति में नजदीकी राहत केंद्रों में संपर्क करें।
Location : Prayagraj
Published : 18 July 2025, 10:15 AM IST
Topics : Boats Sunk Dynamite News Ganga Yamuna Prayagraj storm