रेसकोर्स रोड मस्जिद में नमाज से लेकर बिजली-पानी तक…क्या है पूरा मामला?

रेसकोर्स रोड मस्जिद नई दिल्ली मे पांच वक्त नमाज़ पढ़ने बिना रोक-टोक हो, बिजली कनैक्शन और पानी सप्लाई बहाल की जाएं, मुसलमानो की चिंताओं पर मौलाना बरेलवी ने मुख्यमंत्री दिल्ली को लिखा पत्र।

Updated : 25 October 2026, 4:17 PM IST
google-preferred

बरेली: बरेल आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने दिल्ली की तीन बड़ी अथॉरिटी’ को पत्र लिखकर मांग की है, कि रेसकोर्स रोड मस्जिद में हो रही पांच वक्त की नमाज पर लगी पाबंदी को हटाया जाएं, काटे गए बिजली कनैक्शन और रोकी गई पानी की सप्लाई को फौरन बहाल किया जाएं। मौलाना ने ये पत्र दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पुलिस कमिश्नर दिल्ली, और वक्फ बोर्ड दिल्ली के सी इ ओ को पत्र लिखकर भारत के मुसलमानो और खास तौर पर दिल्ली के लोगों के जज्बात व एहसास से अवगत कराया है।

120 साल पुरानी मस्जिद

मौलाना बरेलवी ने अपने पत्र में लिखा है कि 120 साल पुरानी मस्जिद जो रेसकोर्स रोड नई दिल्ली मे स्थित है। चार दिन पहले चंद अधिकारी मस्जिद पहुंचे, इमाम साहब से मुलाकात की, और वो 7 दिन मे मस्जिद खाली करने की चेतावनी देकर चले गए। साथ ही मस्जिद का बिजली कनेक्शन और पानी की सप्लाई काट दी गयी। इस सुरते हाल को लेकर भारत का मुसलमान और खासतौर पर दिल्ली के लोग बहुत चिंतित है। रोजाना पांच वक्त की नमाज पढ़ने वाले लोग मस्जिद नही जा पा रहे हैं, और इमाम साहब का परिवार भी भयभीत है। इस धार्मिक मुद्दे को महत्वपूर्णता देते हुए फौरी तौर पर हल करने की दिशा मे कदम उठाए जायें।

 वक्फ बोर्ड के गजट सर्वे

मौलाना बरेलवी ने आगे पत्र में लिखा है कि ये मस्जिद बहुत पुरानी है, वक्फ बोर्ड के गजट सर्वे मे 8 अक्टूबर 1977 से दर्ज है। और साथ ही संविधानिक अधिकार भी इस धार्मिक संस्था का संरक्षण करते है। संविधान के अनुच्छेद 25,26,27,28 मे स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति स्वतंत्रता के साथ धार्मिक स्थल या शिक्षक संस्थान खोल सकता है और उसको सुचारू रूप से संचालन कर सकता है। इसके साथ ही हर व्यक्ति अपने धर्म को मानने, प्रचार व प्रसाण करने और धार्मिक स्थल को स्थापित करने की आजादी रखता है। अब इन संविधानिक अधिकारों के साथ मुसलमान अपने धार्मिक स्थलो का रख रखाव रखता है, तो यह ना जुर्म है और न गैर कानूनी काम है। बल्कि कानून पर अमल करना है। हमारा भारत एक जम्हुरी देश है और जम्हुरी निजाम के साथ चलता है।

मस्जिद मे पांच वक्त की नमाज

पत्र के माध्यम से अनुरोध किया गया है कि इस मुद्दे की गम्भीरता को देखते हुए मस्जिद मे पांच वक्त की नमाज पढ़ने के लिए बिला रोक-टोक इज़ाजत दी जाए, जैसा की पहले नमाज हो रही थी। मस्जिद के आस पास लगाई गयी पुलिस द्वारा बेरिकेडिंग को फोरन हटाया जाए। काटे गये बिजली कनेक्शन और पानी की सप्लाई को दुबारा बहाल किया जाये। ताकि दिल्ली मे किसी तरह का भी अमन व शांति को खतरा लाहिक न हो, और मुसलमानो को धरना प्रदर्शन पर मजबूर न होना पड़े।

‘दबंगई पड़ी भारी, बाइक छोड़कर उल्टे पांव भागे हमलावर’: प्रतापगढ़ के बिहारगंज बाजार में बड़ा बवाल

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भारत के तमाम मुसलमानो से अपील की है कि अगर कहीं किसी मस्जिद, मदरसा , दरगाह पर बिल्डोजर की कार्रवाई करने की बात आती है तो वहां सभी लोग पहुंच कर इंसानी ढाल बन जाएं, ताकि मस्जिद की सुरक्षा की जा सकें। और अगर मुसलमानो को ये पता चले की कहीं मंदिर, गुरूद्वारा, चर्च पर बिल्डोजर चलाया जाएगा तो वहां पर भी पहुंच कर इंसानी ढाल बनकर मंदिर की हिफाजत करें, ताकि हिन्दू मुस्लिम भाईचारा मजबूत हो सकें।

फिरोजाबाद में नसबंदी ऑपरेशन को लेकर विवाद, डॉक्टर पर आशा कार्यकर्ता से मारपीट का आरोप

मौलाना बरेलवी ने आगे कहा की राजनीतिक पार्टियों और राजनितिक नेताओं से किसी चिज़ की उम्मीद न रखें, ये लोग सिर्फ इलैक्शन में आते हैं, अपना स्वार्थ हासिल करके चले जाते हैं।

Location :  बरेली

Published :  25 October 2026, 4:13 PM IST

Advertisement